31 दिसंबर की रात को लेकर इंदौर पुलिस पूरी तरह सतर्क नजर आ रही है। नए साल के जश्न के दौरान शहर में किसी भी तरह की अव्यवस्था न हो, इसके लिए पुलिस ने पहले से ही कमर कस ली है। सुरक्षा, शांति व्यवस्था, ट्रैफिक नियंत्रण और ध्वनि सीमा को ध्यान में रखते हुए पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह के निर्देश पर विशेष रणनीति तैयार की गई है। इस प्लानिंग के तहत पुलिस अधिकारियों ने होटल, पब, बार, फॉर्म हाउस और मैरिज गार्डन संचालकों के साथ बैठक की। विजय नगर, बायपास और अन्य इलाकों के छोटे-बड़े आयोजकों को बुलाया गया। करीब 150 संचालक इस बैठक में शामिल हुए, जहां पुलिस ने साफ शब्दों में बताया कि 31 दिसंबर को क्या करना है और किन बातों से पूरी तरह बचना है।
पुलिस ने स्पष्ट किया कि हर आयोजन स्थल पर वैध लाइसेंस, परमिट और अनुमति पत्र प्रदर्शित होना चाहिए। शराब परोसने में आबकारी नियमों का पालन अनिवार्य होगा और तय समय सीमा के बाद कोई गतिविधि नहीं चलेगी। पुलिस द्वारा जारी sop का पालन न करने वालों पर सख्त कार्रवाई तय है।
एंट्री गेट से ही सख्त निगरानी
सुरक्षा को लेकर एंट्री गेट पर आईडी चेकिंग जरूरी की गई है। हर आने वाले व्यक्ति की आईडी की फोटोकॉपी और मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा। बैग चेकिंग, सीसीटीवी कैमरों की लगातार रिकॉर्डिंग, प्रशिक्षित बाउंसर और फायर सेफ्टी उपकरणों को सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए हैं। बंद परिसरों में पटाखों के इस्तेमाल पर भी रोक रहेगी। पुलिस ने साफ किया कि क्षमता से अधिक लोगों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। पार्किंग व्यवस्था व्यवस्थित रखने, अवैध पार्किंग रोकने और पर्याप्त लाइटिंग व सुरक्षा कर्मियों की तैनाती अनिवार्य होगी। नशे में वाहन चलाने वालों को रोकने और कैब सुविधा उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया।
महिलाओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
महिलाओं से जुड़ी किसी भी शिकायत पर तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। अशोभनीय व्यवहार को वहीं रोकने, हेल्पलाइन नंबर प्रदर्शित करने और महिला सुरक्षाकर्मियों की तैनाती को जरूरी बताया गया। पुलिस ने चेताया कि बिना अनुमति डीजे, लाइव म्यूजिक या डांस शो नहीं होंगे। तेज आवाज, अश्लील नृत्य, नाबालिगों को शराब, हुड़दंग या हथियारों की एंट्री पर जीरो टॉलरेंस रहेगा। नियम टूटे तो लाइसेंस निरस्तीकरण, सीलिंग, जुर्माना और कानूनी कार्रवाई तय है। किसी भी अप्रिय घटना की पूरी जिम्मेदारी आयोजक पर होगी।
