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सरकारी गाड़ी रुकी, बच्चों की बची जान; SDM प्रिया वर्मा का एक और सख्त फैसला

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Published On: 28 December 2025

BJP नेता को थप्पड़ मारने की घटना के बाद सुर्खियों में आईं SDM प्रिया वर्मा एक बार फिर अपने दबंग और संवेदनशील अंदाज को लेकर चर्चा में हैं। शनिवार को जब वे अपनी सरकारी गाड़ी से कलेक्टर कार्यालय की ओर जा रही थीं, तभी उनकी नजर आगे चल रहे एक ई-रिक्शा पर पड़ी। पहली नजर में ही यह साफ दिख रहा था कि ई-रिक्शा में क्षमता से कहीं ज्यादा बच्चे भरे हुए हैं और उनकी सुरक्षा पूरी तरह खतरे में है।

स्थिति की गंभीरता को समझते हुए एसडीएम प्रिया वर्मा ने बिना देर किए कलेक्टर कार्यालय के सामने ही ई-रिक्शा को रुकवाया। मौके पर मौजूद कर्मचारियों की मदद से उन्होंने खुद पूरे मामले की जांच शुरू करवाई। सड़क किनारे यह कार्रवाई देख वहां कुछ देर के लिए लोगों की भीड़ भी जमा हो गई।

जांच में चौंकाने वाला सच

जांच के दौरान सामने आया कि ई-रिक्शा में करीब 20 से 22 बच्चे सवार थे, जबकि उसकी तय क्षमता महज 7 से 8 बच्चों की थी। बच्चों को न सिर्फ सीटों पर, बल्कि पीछे और डिक्की वाले हिस्से में भी ठूंस-ठूंसकर बैठाया गया था। यह नजारा किसी भी वक्त बड़े हादसे में बदल सकता था। पूछताछ में ई-रिक्शा चालक ने बताया कि वह बच्चों को क्रिकेट खेलने के लिए स्कूल की ओर ले जा रहा था। बच्चों को नूरानी एकेडमी से जुड़ा बताया गया। चालक की यह सफाई सुनकर एसडीएम ने साफ कहा कि खेल या पढ़ाई के नाम पर बच्चों की जान से खिलवाड़ किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

 

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बच्चों को सुरक्षित उतारा गया

एसडीएम प्रिया वर्मा के निर्देश पर सभी बच्चों को कलेक्टर कार्यालय के बाहर ही सुरक्षित नीचे उतारा गया। बच्चों में डर और घबराहट साफ नजर आ रही थी। हालात को संभालते हुए अधिकारियों ने बच्चों को समझाया और उन्हें सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने की व्यवस्था की। बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए एसडीएम प्रिया वर्मा ने एक सराहनीय कदम उठाया। उन्होंने बच्चों को अपनी सरकारी गाड़ी से क्रिकेट एकेडमी तक भिजवाया, ताकि उन्हें किसी तरह का जोखिम न उठाना पड़े। यह दृश्य वहां मौजूद लोगों के लिए भी चर्चा का विषय बन गया।

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