इंदौर | मध्य प्रदेश के इंदौर के सरकारी पीसी सेठी अस्पताल में शुक्रवार को वो हुआ, जो प्रदेश की चिकित्सा व्यवस्था में मील का पत्थर माना जा सकता है। यहां 24 वर्षीय महिला ने एक असाधारण वजन वाली बच्ची को जन्म दिया, जिसका वजन 5.43 किलो है। डॉक्टरों के मुताबिक, यह अब तक का मध्यप्रदेश के किसी भी सरकारी अस्पताल में जन्मा सबसे वजनी नवजात है। इससे पहले यह रिकॉर्ड 2021 में मंडला जिले में 5.1 किलो के बच्चे के नाम था। महिला का नाम रीता (24) है, जो नंदकिशोर की पत्नी हैं। गर्भावस्था के दौरान रीता कई स्वास्थ्य जटिलताओं से जूझ रही थीं। उनका वजन 90 किलो के करीब था और उन्हें हाई ब्लड प्रेशर, प्री-एक्लेम्पसिया और पूरे शरीर में सूजन जैसी समस्याएं थीं।
ऐसे में सामान्य प्रसव की संभावना न के बराबर थी। विशेषज्ञों ने तत्काल सिजेरियन डिलीवरी का निर्णय लिया और यह जटिल ऑपरेशन पूरी सफलता के साथ संपन्न हुआ।
मां-बेटी दोनों स्वस्थ्य
इस केस की अगुवाई करने वाली गायनोकोलॉजिस्ट डॉ. कोमल विजयवर्गीय ने बताया कि यह मामला चिकित्सा की दृष्टि से बेहद संवेदनशील और उच्च जोखिम वाला था। उन्होंने कहा, “बच्ची की पल्स, ऑक्सीजन लेवल और ब्लड प्रेशर पर लगातार नजर रखी जा रही है, पर खुशी की बात है कि मां और नवजात दोनों ही पूरी तरह से स्वस्थ और स्थिर हैं। कुछ ही दिनों में उन्हें छुट्टी दे दी जाएगी।”
चमत्कार से कम नहीं डिलीवरी
इस ऑपरेशन में एनेस्थीसिया एक्सपर्ट डॉ. सुनीता भटनागर की विशेष भूमिका रही। टीमवर्क और त्वरित निर्णय की वजह से यह डिलीवरी किसी चमत्कार से कम नहीं रही। इस उपलब्धि पर सीएमएचओ डॉ. माधव हसानी ने अस्पताल का निरीक्षण किया और चिकित्सा दल की सराहना करते हुए कहा, “यह केस यह साबित करता है कि जननी सुरक्षा योजना और सरकारी अस्पतालों की सेवाएं अब अत्याधुनिक इलाज के मानकों पर खरी उतर रही हैं। अब आम जनता को भी गंभीर परिस्थितियों में प्राइवेट अस्पतालों पर निर्भर नहीं होना पड़ेगा।” डॉक्टरों का यह भी कहना है कि मां की हालत को देखते हुए यह डिलीवरी समय पर न होती, तो स्थिति बिगड़ सकती थी।
