होलकर साइंस कॉलेज में इंटर्नशिप के नाम पर हुई अनियमितताओं को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। जयस छात्र संगठन (JCS) ने आरोप लगाया है कि कॉलेज प्रशासन ने बिना किसी निविदा प्रक्रिया के एक निजी कंपनी से समझौता कर छात्रों को जबरन उसके अधीन इंटर्नशिप करवाने के लिए बाध्य किया। मेंटर्स के द्वारा यह कहकर दबाव बनाया गया कि भुगतान नहीं करने पर विद्यार्थियों के अंक काट दिए जाएंगे। संगठन का कहना है कि यह पूरा मामला प्रशासनिक अधिकारियों की मिलीभगत का परिणाम है।
JCS ने एपीजे अब्दुल कलाम शासकीय भवन को निजी संस्थान के उपयोग के लिए देने पर भी आपत्ति जताई है। संगठन का कहना है कि यह भवन शैक्षणिक गतिविधियों के लिए है, ऐसे में इसे किसी निजी कंपनी को किस आधार पर सौंपा गया, यह स्पष्ट नहीं है। छात्रों का आरोप है कि इस प्रक्रिया में न पारदर्शिता दिखी और न ही महाविद्यालय को इससे कोई वास्तविक आर्थिक लाभ हुआ।
कक्षाओं पर पड़ा असर
इंटर्नशिप व्यवस्था लागू होने के बाद नियमित कक्षाओं पर भी असर पड़ा है। छात्रों के अनुसार, बिना किसी शैक्षणिक योजना के लागू की गई इस इंटर्नशिप के कारण पढ़ाई बाधित हुई है, लेकिन कॉलेज प्रशासन लगातार स्थिति को नज़रअंदाज़ कर रहा है। आरोप है कि यह कदम केवल कुछ लोगों को आर्थिक लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से उठाया गया। इंटर्नशिप के लिए छात्रों से अलग-अलग राशि वसूले जाने का मामला भी सामने आया है। संगठन ने इसे पूरी तरह अवैध बताया है। उनका कहना है कि किसी भी सरकारी कॉलेज को छात्रों से इस प्रकार शुल्क वसूलने का अधिकार नहीं है। कई छात्रों ने बताया कि वे भुगतान की रसीद तक नहीं प्राप्त कर पाए।
फाइलों की लापरवाह हैंडलिंग
महाविद्यालय परिसर में छात्रों की इंटर्नशिप फाइलें फर्श पर बिखरी मिलीं, जिसे लेकर विद्यार्थियों में नाराजगी है। वे बताते हैं कि इससे स्पष्ट होता है कि कॉलेज प्रबंधन छात्रों के भविष्य और दस्तावेजों की सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं है। JCS का दावा है कि इंटर्नशिप के नाम पर छात्रों से करोड़ों रुपये वसूले गए हैं। जब कुछ विद्यार्थियों ने अपना पैसा लौटाने की मांग की, तो उन्हें धमकियां दी गईं। यही नहीं, संगठन के पदाधिकारियों को भी इंटर्नशिप कंपनी के मालिक द्वारा डराया-धमकाया गया।
गंभीर आरोपों के बावजूद अनुमति
JCS ने आरोप लगाया कि जिस कंपनी को इंटर्नशिप की जिम्मेदारी दी गई, उसके मालिक पर पहले से कई गंभीर आपराधिक आरोप लगे हुए हैं, जिनमें हथियार प्रदर्शन, यौन उत्पीड़न और नशे के कारोबार से जुड़ाव शामिल हैं। इसके बावजूद कॉलेज प्रशासन ने उन्हें इंटर्नशिप की अनुमति दी, जो पूरी प्रक्रिया को संदिग्ध बनाती है। JCS ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच, कॉलेज प्रशासन और संबंधित कंपनी के खिलाफ FIR, छात्रों को पैसा लौटाने तथा दोषी अधिकारियों के निलंबन की मांग की है। संगठन का कहना है कि छात्रों की सुरक्षा और भविष्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
