इंदौर-दाहोद रेल परियोजना के तहत नागदा-गुजरी मार्ग पर नए ब्रिज के निर्माण के कारण यह मार्ग पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। रेलवे प्रशासन ने यातायात को सुनारखेड़ी अंडरपास से मोड़ दिया है। भारी वाहन अब अन्य लंबी डायवर्ट मार्गों का उपयोग कर रहे हैं, जबकि छोटे दोपहिया और चारपहिया वाहन वैकल्पिक मार्ग से गुजर रहे हैं। नागदा-गुजरी मार्ग के बंद होने के बाद, सुनारखेड़ी और सदलपुर क्षेत्र से आने वाले सभी वाहन भी इसी अंडरपास से गुजर रहे हैं। लगातार बढ़ते यातायात दबाव के कारण रेलवे द्वारा निर्मित अंडरपास की सड़क गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गई है। बड़े-बड़े गड्ढे और टूटी हुई सतह वाहन चालकों के लिए परेशानी बन गई है।
विशेष रूप से दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह मार्ग बेहद जोखिमपूर्ण हो गया है। बाइक फिसलने और गिरने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। स्थानीय लोग बताते हैं कि कभी-कभी चालक सड़क के गड्ढों और ढीले कंकड़ों के कारण संतुलन खो देते हैं, जिससे गंभीर हादसों का डर बना रहता है।
इंदौर की जनता परेशान
सड़क पर उड़ती धूल और कंकड़ न केवल वाहन चालकों के लिए बल्कि राहगीरों और आस-पास के व्यापारियों के लिए भी समस्या बन गए हैं। पास के होटल संचालक मनीष ने बताया, “इस रास्ते से गुजरना अब बेहद मुश्किल हो गया है। धूल सीधे राहगीरों पर गिरती है और कई ग्राहक इसे लेकर शिकायत कर रहे हैं।” स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से आग्रह किया है कि जब तक नागदा-गुजरी मार्ग पर ब्रिज निर्माण पूरा नहीं होता, तब तक सुनारखेड़ी अंडरपास की मरम्मत कराई जाए। इसके अलावा उन्होंने धूल कम करने के लिए नियमित पानी का छिड़काव और वैकल्पिक सुरक्षित मार्ग की व्यवस्था करने की मांग भी की है।
रेलवे और प्रशासन पर दबाव
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि अंडरपास की मरम्मत नहीं की गई, तो न केवल आम जनता को असुविधा होगी बल्कि सड़क पर गंभीर हादसों का खतरा भी बढ़ जाएगा। प्रशासन और रेलवे अधिकारियों पर अब यह जिम्मेदारी बनती है कि वे तुरंत इस खतरनाक स्थिति को नियंत्रित करने के उपाय करें।
