इंदौर शहर में दूषित पेयजल से 16 लोगों की मौत और हजारों के बीमार होने की घटना ने प्रदेश की राजनीति में उबाल ला दिया है। इसी मुद्दे को लेकर इंदौर कांग्रेस कमेटी कार्यालय गांधी भवन में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की अहम बैठक हुई। बैठक के बाद पत्रकारों से संवाद में कांग्रेस ने इस त्रासदी को प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि गंभीर अपराध बताया। बैठक में पूर्व मंत्री सज्जन वर्मा, पूर्व राष्ट्रीय महिला कांग्रेस अध्यक्ष शोभा ओझा, महिला प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रीना बोरासी, एआईसीसी सचिव उषा नायडू, शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे, ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष विपिन वानखेड़े सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में घटना को शर्मनाक बताते हुए जिम्मेदारी तय करने की मांग की।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि इंदौर की स्वच्छता की पहचान यहां की जागरूक जनता ने बनाई है। जनता ने भाजपा को सांसद, विधायक, महापौर और मंत्री दिए, लेकिन बदले में शहर को क्या मिला ज़हरीला पानी और 16 लोगों की मौत। उन्होंने कहा कि यह पहली बार है जब इंदौर जैसे शहर का नाम दूषित पानी से हुई मौतों के कारण सुर्खियों में आया है।
चेतावनियों की अनदेखी
पटवारी ने दावा किया कि पीड़ित परिवार पिछले आठ महीनों से पार्षदों और विधायकों से शिकायत कर रहे थे। पानी की गंध, रंग और बीमारी की जानकारी दी गई, लेकिन किसी ने गंभीरता नहीं दिखाई। यदि समय रहते कार्रवाई होती, तो आज 16 परिवारों के चूल्हे न बुझते। उन्होंने आरोप लगाया कि जब कांग्रेस की जांच समिति पीड़ितों से मिलने पहुंची, तो उसे रोका गया। पटवारी के मुताबिक यह दर्शाता है कि सरकार सच्चाई सामने आने से डर रही है और सत्ता का अहंकार जमीन पर लोगों की जान से बड़ा हो गया है।
पुरानी घटनाओं की दिलाई याद
कांग्रेस अध्यक्ष ने अस्पताल में आग से बच्चों की मौत, बावड़ी हादसे में दर्जनों जानें, नवजातों के साथ अमानवीय घटनाएं और अब ज़हरीले पानी से हुई मौतों का जिक्र करते हुए कहा कि हर बार सरकार ने जिम्मेदारी से बचने का रास्ता चुना। पटवारी ने साफ कहा कि यह मामला गैर-इरादतन हत्या का है। प्रभारी मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को पद छोड़ना चाहिए और दोषी अधिकारियों पर एफआईआर दर्ज होनी चाहिए। चेतावनी दी कि अगर 11 जनवरी तक कार्रवाई नहीं हुई तो कांग्रेस इंदौर में बड़ा जनआंदोलन करेगी।
भागीरथपुरा (इंदौर) की घटना से प्रदेश का प्रत्येक नागरिक शर्मसार और अत्यंत चिंतित है। मैंने पहले भी स्पष्ट रूप से कहा है कि यह विषय राजनीति का नहीं, बल्कि संवेदना और मानवीय सरोकार का है।
पिछले चार दिनों में मैंने तीन बार इंदौर कलेक्टर से इस विषय पर चर्चा की है। हम भागीरथपुरा के… pic.twitter.com/XafiylKHO1
— Jitendra (Jitu) Patwari (@jitupatwari) January 5, 2026
सड़क से संघर्ष का ऐलान
कांग्रेस ने 11 जनवरी को बड़े गणपति से अहिल्या प्रतिमा तक विशाल प्रदर्शन की घोषणा की। पटवारी ने कहा कि यह राजनीति नहीं, हर घर के पानी और हर परिवार की जिंदगी का सवाल है। कांग्रेस इस लड़ाई को जनता के साथ अंत तक लड़ेगी।
