इंदौर | मध्य प्रदेश के इंदौर ने लगातार सात बार देश की सबसे स्वच्छ सिटी का खिताब जीतकर मिसाल कायम की है। अब नगर निगम ने शहर को “ग्रीन सिटी” बनाने का लक्ष्य तय किया है। इसके लिए पौधारोपण अभियान को बड़े स्तर पर चलाया जा रहा है। नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के आह्वान पर इस वर्ष 51 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। निगम का दावा है कि अब तक करीब पाँच लाख पौधे लगाए जा चुके हैं।
नगर निगम उद्यान विभाग के प्रभारी राजेंद्र राठौर ने बताया कि हरित क्षेत्र बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। निगम ने शहरी सीमा में 15 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा है। इसके तहत मुख्य सड़कों के किनारे ग्रीन बेल्ट विकसित करने और पार्कों को हरियाली से भरने पर जोर है।
पौधारोपण कार्यक्रम
23 अगस्त को नायता मुंडला स्थित क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय के सामने पौधारोपण कार्यक्रम होगा। इस दौरान केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल मुख्य अतिथि रहेंगे। वहीं बिचौली मर्दाना क्षेत्र की 18 एकड़ जमीन पर एक दिन में 25 हजार पौधे लगाने की योजना है। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी मौजूद रहेंगे। निगम अब तक यहां 10 हजार गड्ढे खुदवा चुका है।
ऑक्सीजन पार्क का सपना
प्रदेश सरकार ने भोपाल और इंदौर में ऑक्सीजन पार्क बनाने के निर्देश दिए हैं। इसी के तहत इंदौर नगर निगम कनाडिया रोड स्थित प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत बने गुलबर्ग परिसर के पीछे 11.82 एकड़ जमीन पर पार्क विकसित कर रहा है। इसके लिए डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) आईआईटी जोधपुर तैयार कर रहा है। रिपोर्ट तैयार होने तक यहां पौधारोपण शुरू करने की योजना है। इंदौर न सिर्फ स्वच्छता में बल्कि हरित पहलुओं में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। पिछले वर्षों में शहर में प्लास्टिक बैन अभियान, डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, और कचरे से ऊर्जा उत्पादन जैसे काम हुए हैं। नगर निगम ने शहर में साइक्लिंग ट्रैक और ई-वाहन चार्जिंग स्टेशन भी विकसित करना शुरू किया है, ताकि प्रदूषण को कम किया जा सके।
देश का रोल मॉडल
शहर की तेज रफ्तार विकास योजना के बीच यातायात जाम, औद्योगिक क्षेत्रों में प्रदूषण और जलभराव की समस्या भी बड़ी चुनौतियां बनी हुई हैं। पर्यावरणविदों का मानना है कि केवल पौधे लगाने से ही काम नहीं चलेगा, बल्कि उनकी देखरेख और जल संरक्षण योजनाओं पर भी गंभीरता से काम करने की आवश्यकता है। बहरहाल, नगर निगम का “ग्रीन सिटी” का सपना अगर हकीकत में बदलता है तो इंदौर न सिर्फ स्वच्छता बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी देश का रोल मॉडल बन सकता है।
