इंदौर नगर निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल ने मंगलवार को जोन क्रमांक-13 का व्यापक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सफाई व्यवस्था और पानी सप्लाई की स्थिति का जायजा लिया। कमिश्नर भोलाराम उस्ताद मार्ग, पिपलिया राव रिंग रोड, अंबिकापुरी क्षेत्र, गोकुलधाम कॉलोनी, विष्णुपुरी, पिपलिया पाला और रीजनल पार्क सहित कई इलाकों में पहुंचे। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों से व्यवस्थाओं की जानकारी ली और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान अंबिकापुरी इलाके में दूषित पानी और सीवर ओवरफ्लो की शिकायतें सामने आईं। कमिश्नर ने मौके पर पानी सप्लाई और सीवेज लाइन की स्थिति का निरीक्षण किया। यहां सफाई व्यवस्था खराब मिलने पर संबंधित सीएसआई और एनजीओ प्रतिनिधि को कड़ी चेतावनी दी गई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी स्थिति में क्षेत्र को कचरा पॉइंट नहीं बनने दिया जाएगा। साथ ही सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं मिलने पर क्षेत्रीय दरोगा चेतन लोट को तत्काल प्रभाव से हटाने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों को यह भी कहा गया कि क्षेत्र में खुले में कचरा फेंकने वालों के खिलाफ चालानी कार्रवाई की जाए।
इंदौर जोन-13 में निगम कमिश्नर का सख्त रुख
इसके बाद कमिश्नर राहुल गांधी नगर पहुंचे, जहां गंदे पानी की समस्या के समाधान के लिए किए गए कार्यों की समीक्षा की गई। उन्होंने क्षेत्र के रहवासियों से बातचीत कर फीडबैक लिया। स्थानीय लोगों ने बताया कि पहले क्षेत्र में गंदा पानी आता था, लेकिन हाल ही में किए गए सुधार कार्यों के बाद पानी की गुणवत्ता में सुधार हुआ है। कमिश्नर ने नागरिकों से अपील की कि वे घर का कचरा डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण वाहन को ही दें और सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फैलाने से बचें।
गोकुलधाम और विष्णुपुरी में पानी की गुणवत्ता जांची
निरीक्षण के अगले चरण में कमिश्नर गोकुलधाम कॉलोनी पहुंचे। यहां दूषित पानी की समस्या के समाधान के लिए किए गए कार्यों का निरीक्षण किया गया। साथ ही इलाके में नर्मदा जल सप्लाई की स्थिति भी देखी गई। कमिश्नर ने मौके पर ही पानी सप्लाई में क्लोरीनेशन की जांच कराई, जिसमें पानी शुद्ध पाया गया। इसके बाद विष्णुपुरी एनएक्स क्षेत्र का दौरा किया गया, जहां पूर्व में दूषित पानी की शिकायत थी। समस्या के निराकरण के बाद क्षेत्र के लोगों से बातचीत कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली गई।
निगरानी जारी
निरीक्षण के दौरान कमिश्नर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पानी सप्लाई और सफाई व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने नियमित मॉनिटरिंग और शिकायतों के त्वरित समाधान पर जोर दिया, ताकि नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
