इंदौर नगर निगम की रिमूवल टीम ने गुरुवार को वार्ड-61 के अमला रावजी बाजार इलाके में अतिक्रमण हटाने की बड़ी कार्रवाई की। नाले पर कब्जा कर बनाए गए 21 मकानों के अवैध हिस्सों को तोड़ दिया गया। कार्रवाई के दौरान मौके पर भारी पुलिस बल और निगम अमला मौजूद रहा। कई लोगों ने समय मांगा, लेकिन अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नोटिस अवधि पूरी होने के बाद अब कोई राहत नहीं दी जाएगी।
नगर निगम ने अतिक्रमणकारियों को एक महीने पहले ही नाले से कब्जा हटाने के निर्देश दिए थे। इस दौरान लिखित नोटिस देने के साथ-साथ इलाके में लगातार अनाउंसमेंट भी कराया गया। इसके बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाया गया। समय सीमा खत्म होने पर निगम ने सख्त रुख अपनाते हुए गुरुवार को कार्रवाई शुरू कर दी।
इंदौर: अमला रावजी बाजार
कार्रवाई के लिए नगर निगम की चार रिमूवल टीमें मौके पर तैनात रहीं। इसके अलावा रावजी बाजार थाना पुलिस बल को भी सुरक्षा व्यवस्था के लिए बुलाया गया। अतिक्रमण हटाने के लिए तीन जेसीबी मशीनों का उपयोग किया गया। पूरा इलाका जोन-12 में आता है, जहां निगम लंबे समय से नालों पर अतिक्रमण को लेकर सख्ती दिखा रहा है।
तेज हुई प्रक्रिया
कुछ दिन पहले निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने अमला रावजी बाजार क्षेत्र का दौरा किया था। निरीक्षण के दौरान नाले पर बने मकानों को देखकर अधिकारियों ने तत्काल सर्वे कराने के निर्देश दिए। सर्वे रिपोर्ट में 21 मकान सीधे तौर पर नाले पर बने पाए गए, जिसके बाद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई तय की गई।
जब गुरुवार को तोड़फोड़ शुरू हुई, तो स्थानीय लोगों को अंदाजा हुआ कि इस बार निगम गंभीर है। कुछ लोग मौके पर पहुंचे और खुद अतिक्रमण हटाने के लिए अतिरिक्त समय देने की मांग करने लगे। हालांकि अधिकारियों ने साफ शब्दों में कहा कि पर्याप्त समय पहले ही दिया जा चुका है, इसलिए अब किसी तरह की मोहलत नहीं दी जा सकती।
नालों पर अतिक्रमण नहीं होगा बर्दाश्त
निगम अधिकारियों का कहना है कि नालों पर अतिक्रमण से बारिश के समय जलभराव की गंभीर समस्या पैदा होती है। इसी कारण ऐसे अतिक्रमण हटाने का अभियान लगातार चलाया जा रहा है। आने वाले दिनों में भी शहर के अन्य इलाकों में इसी तरह की कार्रवाई की जाएगी।
