इंदौर-पीथमपुर स्पेशल इकोनॉमिक जोन (SEZ) ने साल 2025 में निर्यात के मामले में अपनी मजबूती दिखाई है। एसईजेड कमिश्नर कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार, यहां की लगभग 50 मल्टीप्रोडक्ट कंपनियों ने पूरे साल 13,754.53 करोड़ रुपए का निर्यात किया। यह आंकड़ा पिछले साल 2024 के 13,583.32 करोड़ रुपए के निर्यात से कुछ ज्यादा है।
हालांकि, 2024 और 2025 के बीच निर्यात में सिर्फ 171.21 करोड़ रुपए की मामूली बढ़ोतरी देखी गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह पिछले वर्षों की तुलना में अपेक्षाकृत कम वृद्धि है। इससे यह संकेत मिलता है कि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में चल रही अनिश्चितताओं का असर स्थानीय निर्यात पर भी पड़ रहा है।
इंदौर: वैश्विक संकट का असर
एसईझेड कमिश्नर कार्यालय ने बताया कि यूक्रेन-रूस युद्ध, इजराइल-फिलीस्तीन संघर्ष और ईरान-अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के कारण अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। इन वैश्विक घटनाओं ने निर्यात कंपनियों की संभावनाओं और मांग पर असर डाला है। इसके बावजूद SEZ कंपनियों ने अपने निर्यात को स्थिर बनाए रखा।
कंपनियों की भूमिका
इंदौर-पीथमपुर SEZ में संचालित लगभग 50 मल्टीप्रोडक्ट कंपनियों ने निर्यात के कुल आंकड़ों को मजबूत किया है। इनमें इलेक्ट्रॉनिक्स, टेक्सटाइल, ऑटोमोबाइल पार्ट्स और मशीनरी समेत कई सेक्टर्स शामिल हैं। एसईजेड प्रशासन ने निर्यात बढ़ाने और व्यापारिक गतिविधियों को सुचारू बनाए रखने के लिए कई योजनाएं और समर्थन प्रदान किया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर वैश्विक परिस्थितियां स्थिर रहती हैं और निर्यात कंपनियां नई तकनीक और उत्पाद विविधता पर ध्यान दें, तो इंदौर-पीथमपुर SEZ का निर्यात अगले साल और तेजी से बढ़ सकता है। इसके लिए आवश्यक है कि अंतर्राष्ट्रीय बाजार की मांग और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर सतत नजर रखी जाए।
