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फिर चर्चा में इंदौर जू का हाथी मोती, वन तारा भेजने पर अटका फैसला; प्रबंधन ने जताई आपत्ति

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Published On: 14 October 2025

इंदौर के प्राणी संग्रहालय का 65 वर्षीय हाथी मोती एक बार फिर सुर्खियों में है। हाई पावर कमेटी की ओर से मोती को जामनगर (गुजरात) स्थित वन तारा सेंटर भेजने के लिए पत्र जारी किया गया है, लेकिन इंदौर जू प्रशासन और वन विभाग दोनों ने इस प्रस्ताव पर आपत्ति दर्ज कराई है। उनका कहना है कि मोती की उम्र, मानसिक स्थिति और स्वभाव को देखते हुए उसका स्थानांतरण अत्यधिक जोखिमपूर्ण साबित हो सकता है।

मोती का सफर असंभव

जू प्रभारी डॉ. उत्तम यादव ने बताया कि मोती की शारीरिक और मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। ऐसे में लंबी यात्रा उसके लिए घातक हो सकती है। उन्होंने कहा कि हम मोती को ऐसे माहौल में रखे हुए हैं जहां उसे कोई परेशानी न हो। हर फैसला उसकी भलाई और सुरक्षा को ध्यान में रखकर ही लिया जाएगा।

नगर निगम ने भी इसी आधार पर हाई पावर कमेटी को पत्र लिखकर विरोध जताया है। निगम का कहना है कि मोती को इंदौर में ही प्राकृतिक और सुरक्षित वातावरण में रखा गया है, जो उसके स्वास्थ्य के लिए सबसे उपयुक्त है।

गुस्सैल और आक्रामक है मोती

जू प्रशासन के अनुसार, मोती का स्वभाव काफी आक्रामक और अस्थिर है। वह कई बार खुद को और कर्मचारियों को चोट पहुंचा चुका है। इसलिए उसकी 24 घंटे विशेष टीम निगरानी करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि स्थानांतरण की प्रक्रिया के दौरान मोती का व्यवहार अनियंत्रित हो सकता है, जिससे उसकी और दूसरों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है।

पहले भी जताई जा चुकी है आपत्ति

यह पहली बार नहीं है जब मोती के स्थानांतरण पर सवाल उठे हों। 25 जुलाई 2023 को वन विहार नेशनल पार्क, भोपाल ने भी एक रिपोर्ट जारी कर इसे “हाई रिस्क ट्रांसफर” बताया था। रिपोर्ट में कहा गया था कि यदि मोती को बेहोश कर ट्रक में ले जाया जाता है और यात्रा के दौरान उसका संतुलन बिगड़ जाए, तो 20 मिनट में उसकी जान जा सकती है इससे पहले भी चार बार हाई पावर कमेटी ने उसकी यात्रा को जोखिमपूर्ण और तकनीकी रूप से कठिन बताया है।

वन तारा प्रोजेक्ट क्या है?

वन तारा सेंटर, जामनगर में स्थित रिलायंस फाउंडेशन द्वारा स्थापित एक विशाल पशु बचाव और पुनर्वास केंद्र है, जिसे अनंत अंबानी संचालित करते हैं। यह केंद्र 3,500 एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैला है और इसमें घायल या लुप्तप्राय जानवरों के संरक्षण की आधुनिक सुविधाएं मौजूद हैं।

उज्जैन से मादा हाथी लाने की तैयारी

जू प्रशासन ने यह भी बताया कि मोती के अकेलेपन को दूर करने के लिए उज्जैन से एक मादा हाथी लाने पर विचार किया जा रहा है। इससे मोती का तनाव कम होगा और उसका व्यवहार भी सामान्य हो सकेगा।

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