केंद्रीय मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला करते हुए कहा कि उन्हें पहले से अपनी हार नजर आ रही है, इसलिए वे ‘वोट चोरी’ का राग अलाप रहे हैं। शनिवार देर रात इंदौर में शहर की सड़कों पर हो रहे पेचवर्क का निरीक्षण करते हुए विजयवर्गीय ने कहा कि राहुल गांधी को जब अपनी हार का अंदेशा होता है, तब वे कभी ईवीएम को दोष देते हैं, कभी चुनाव आयोग को।
उन्होंने कहा, “राहुल गांधी को पता है कि बिहार में कांग्रेस और महागठबंधन की स्थिति कमजोर है। भाजपा वहां 160 से ज्यादा सीटें जीतने जा रही है। इसलिए वे पहले से ही बहाने गढ़ने में जुट गए हैं, ताकि हार का ठीकरा किसी और पर फोड़ सकें।” विजयवर्गीय ने यह भी कहा कि राहुल गांधी की लीडरशिप पर सवाल उठने से बचने के लिए वे पहले से ही माहौल तैयार कर रहे हैं।
“वोट चोरी” का मुद्दा
दरअसल, राहुल गांधी ने शनिवार को पचमढ़ी में पार्टी नेताओं से मुलाकात के दौरान एक बार फिर “वोट चोरी” का मुद्दा उठाया था। उन्होंने कहा कि हरियाणा में 25 लाख वोट चोरी हुए, यानी हर आठ में से एक वोट गायब कर दिया गया। राहुल ने आरोप लगाया कि यह सब “बीजेपी और चुनाव आयोग के गठजोड़” से हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि उनके पास इसके सबूत हैं, जो वे धीरे-धीरे सामने लाएंगे।
राहुल गांधी ने कहा कि लोकतंत्र पर हमला हो रहा है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व गृह मंत्री अमित शाह “प्रणालीगत तरीके से जनता की आवाज दबा रहे हैं।” उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को भी वोट हेराफेरी को छिपाने का तरीका बताया।
पचमढ़ी में जंगल सफारी
रविवार सुबह राहुल गांधी ने पचमढ़ी में जंगल सफारी भी की। वे सुबह करीब छह बजे रविशंकर भवन से निकले और सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के पनारपानी गेट से बारासेल तक खुली जीप में घूमे। बाद में उन्होंने महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और वहां मौजूद बच्चों से मुलाकात की।
हालात में सुधार
वहीं, मंत्री विजयवर्गीय ने इंदौर की सड़कों पर चल रहे पेचवर्क को लेकर कहा कि लगातार बारिश की वजह से प्रदेशभर की सड़कें खराब हुईं, लेकिन अब मरम्मत का काम तेजी से चल रहा है। इंदौर में एक माह के भीतर सारा काम पूरा हो जाएगा। उन्होंने कहा कि मेयर पुष्यमित्र भार्गव और नगर निगम की टीम खुद मौके पर जाकर क्वालिटी की निगरानी कर रही है। विजयवर्गीय बोले कि लोगों को बारिश में दिक्कत जरूर हुई, पर अब हालात सुधर रहे हैं। दीपावली तक सड़कें नई जैसी नजर आएंगी।
