आगर मालवा जिले में एमडी ड्रग्स के बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। जिस नर्सरी में पेड़-पौधों की खेती का दावा किया जा रहा था, वहां असल में नशे का काला कारोबार चल रहा था। नारकोटिक्स विभाग ने शनिवार तड़के आमला क्षेत्र स्थित तीर्थ नर्सरी पर छापा मारकर 31 किलो 250 ग्राम एमडी ड्रग्स जब्त की। यह फैक्ट्री जंगल के भीतर बेहद सुनियोजित तरीके से संचालित की जा रही थी।
जब्त की गई एमडी ड्रग्स की कीमत घरेलू बाजार में करीब 10 करोड़ रुपए आंकी गई है, जबकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत 50 करोड़ रुपए से अधिक बताई जा रही है। जांच में सामने आया है कि यहां तैयार ड्रग्स की सप्लाई हरियाणा सहित अन्य राज्यों तक की जा रही थी। फैक्ट्री को इस तरह छिपाया गया था कि बाहरी लोगों को शक तक न हो।
आगर मालवा में ड्रग्स फैक्ट्री का भंडाफोड़
छापे के दौरान नर्सरी परिसर में एमडी ड्रग्स बनाने की पूरी लैब मिली। मौके से 31.250 किलो तैयार ड्रग्स के अलावा करीब 600 किलो केमिकल, ड्रग्स निर्माण में उपयोग होने वाली मशीनें और तकनीकी उपकरण जब्त किए गए। मामले में नर्सरी के मैनेजर सिद्धनाथ, धारा सिंह और प्रहलाद सिंह को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है। नर्सरी का संचालक कालूराम रातड़िया मूल रूप से सुसनेर के पास मोड़ी गांव का निवासी है। उसके खिलाफ हरियाणा में मादक पदार्थों की तस्करी समेत आगर मालवा जिले में चार से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक कालूराम लंबे समय से विवादों और आपराधिक गतिविधियों में लिप्त रहा है।
इंदौर से जुड़ा जमीन का कनेक्शन
राजस्व रिकॉर्ड खंगालने पर इस मामले में इंदौर का कनेक्शन भी सामने आया है। जिस भूमि पर नर्सरीनुमा फार्म हाउस बना है, उसका खसरा क्रमांक 816(S) है। यह जमीन 28 मार्च 2024 को इंदौर निवासी अनिल कुमार और अभय कुमार पोखरना को बेची गई थी। इसके आसपास की जमीनें भी पोखरना परिवार और रातड़िया परिवार के नाम दर्ज हैं। आगर मालवा मुख्यालय से करीब 25 किलोमीटर दूर झालावाड़-कोटा रोड पर आमला के पास यह नर्सरी स्थित है। हनुमान मंदिर और क्रेशर के पास से जंगल में अंदर जाने वाले रास्ते पर करीब दो किलोमीटर अंदर यह फार्म हाउस बना है। बाहर ‘तीर्थ हर्बल फार्म एंड नर्सरी’ का बोर्ड लगा है और चारों ओर तारों की फेंसिंग की गई है।
मारपीट और धमकियों के पुराने केस
कालूराम रातड़िया पर फरवरी 2019 में घर में घुसकर मारपीट और जान से मारने की धमकी का केस दर्ज हुआ था। अप्रैल 2019 में हत्या के प्रयास और आपराधिक षड्यंत्र के मामले में भी वह आरोपी रहा। जून 2023 में धोखाधड़ी, चोरी और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसे मामलों में भी उसके खिलाफ प्रकरण दर्ज किए गए थे। नारकोटिक्स विभाग अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रहा है। अधिकारियों का मानना है कि इस फैक्ट्री के तार अन्य राज्यों और बड़े ड्रग्स गिरोहों से जुड़े हो सकते हैं। आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
