,

इंदौर से कसरावद पहुंचे मोहन भागवत, नर्मदालय आश्रम में देंगे ‘मनुष्य निर्माण से राष्ट्र निर्माण’ का संदेश

Author Picture
Published On: 4 February 2026

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत बुधवार सुबह इंदौर पहुंचे। यहां कुछ समय तक संघ कार्यालय सुदर्शन में विश्राम करने के बाद वे खरगोन जिले के कसरावद के लिए रवाना हुए। कसरावद पहुंचकर वे लेपा पुनर्वास क्षेत्र स्थित नर्मदालय आश्रम में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस प्रवास को संघ के सेवा और सामाजिक कार्यों से जोड़कर देखा जा रहा है।

कसरावद स्थित नर्मदालय आश्रम में होने वाला यह कार्यक्रम रामकृष्ण विश्व सद्भावना निकेतन और नर्मदालय परिवार के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम का केंद्र बिंदु समाज सेवा, पुनर्वास और मानवीय मूल्यों पर आधारित कार्य हैं। इसी मंच से मोहन भागवत ‘मनुष्य निर्माण से राष्ट्र निर्माण’ विषय पर अपना विचारपूर्ण संबोधन देंगे।

इंदौर से कसरावद पहुंचे मोहन भागवत

कार्यक्रम दोपहर 1:30 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगा। इसमें विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय सेवा कार्यकर्ता, सामाजिक संगठन और पुनर्वास कार्यों से जुड़े लोग शामिल होंगे। आयोजन का उद्देश्य केवल भाषण तक सीमित नहीं है, बल्कि सेवा कार्यों में लगे लोगों से सीधा संवाद स्थापित करना और उनके अनुभवों को समझना भी है।

नर्मदालय आश्रम आदिवासी और पुनर्वास क्षेत्रों में लंबे समय से सक्रिय है। यहां शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वावलंबन और सामाजिक जागरूकता से जुड़े कई कार्य संचालित हो रहे हैं। ऐसे क्षेत्र में संघ प्रमुख की उपस्थिति को जमीनी स्तर पर हो रहे सेवा कार्यों के प्रति समर्थन और प्रोत्साहन के रूप में देखा जा रहा है।

मालवा-निमाड़ अंचल पर फोकस

खरगोन प्रवास को मालवा-निमाड़ क्षेत्र में संघ की वैचारिक और संगठनात्मक गतिविधियों से भी जोड़कर देखा जा रहा है। यह इलाका सामाजिक विविधता और आदिवासी आबादी के लिए जाना जाता है। ऐसे में संघ का जोर सामाजिक समरसता, आपसी संवाद और सेवा आधारित मॉडल को मजबूत करने पर दिखाई देता है। संघ की विचारधारा में व्यक्तिगत चरित्र निर्माण को समाज और राष्ट्र निर्माण की नींव माना जाता है। मोहन भागवत का संबोधन इसी मूल विचार के इर्द-गिर्द रहने की संभावना है, जिसमें सेवा, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी पर विशेष जोर दिया जाएगा।

कार्यक्रम में समाज के विभिन्न वर्गों की सहभागिता यह संकेत देती है कि आने वाले समय में सेवा, पुनर्वास और सामाजिक समरसता से जुड़े कार्यों को और व्यापक रूप देने की दिशा में प्रयास तेज किए जाएंगे। यह प्रवास संघ के सामाजिक सरोकारों को मजबूती देने की एक कड़ी माना जा रहा है।

Related News
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp