स्वच्छता में देशभर में पहचान बना चुके इंदौर में रविवार की सुबह कुछ अलग नज़ारा देखने को मिला। शहर को और बेहतर बनाने की सोच के साथ महापौर पुष्यमित्र भार्गव सड़क पर उतरे, लेकिन निरीक्षण की जगह इस बार संवाद का रास्ता चुना गया। जोन क्रमांक 15 के अंतर्गत फूटी कोठी ब्रिज के पास सफाई मित्रों के साथ चाय और पोहा की सादगी भरी बैठक ने माहौल को आत्मीय बना दिया।
महापौर ने औपचारिक मंच छोड़ सीधे सफाई मित्रों के बीच बैठकर बात की। बातचीत का केंद्र सिर्फ योजनाएं नहीं, बल्कि जमीनी अनुभव रहे। महापौर ने कहा कि शहर की असली तस्वीर वही लोग देखते हैं, जो रोज सुबह सबसे पहले सड़कों पर उतरते हैं। सफाई मित्रों की बातें ध्यान से सुनी गईं और उनकी राय को गंभीरता से लिया गया।
संवाद का संकल्प
महापौर भार्गव ने ऐलान किया कि यह पहल एक दिन तक सीमित नहीं रहेगी। उन्होंने कहा कि हर रविवार वे शहर के अलग-अलग जोन में जाकर सफाई मित्रों से मिलेंगे। चाय-पोहा के साथ होने वाली यह चर्चा स्वच्छता को और मजबूत करने का जरिया बनेगी। उनका मानना है कि लगातार संवाद से ही व्यवस्था में सुधार संभव है। सफाई मित्रों को संबोधित करते हुए महापौर ने साफ कहा कि इंदौर की स्वच्छता रैंकिंग सिर्फ योजनाओं से नहीं, बल्कि सफाई मित्रों की मेहनत और अनुशासन से बनी है। उन्होंने कहा कि रोजमर्रा की कठिन परिस्थितियों में भी सफाई मित्र जिस जिम्मेदारी से काम करते हैं, वही शहर को आगे रखती है।
सफाई मित्रों संग चाय–पोहा पार्टी और स्वच्छता पर संवाद…
झोन क्रमांक 15 अंतर्गत फूटी कोठी ब्रिज क्षेत्र में सफाई मित्रों के साथ चाय–पोहा पार्टी के माध्यम से आत्मीय संवाद किया।
इस अवसर पर मैदानी अनुभव, स्वच्छता से जुड़ी चुनौतियों और आगामी सर्वेक्षण की तैयारियों पर सार्थक चर्चा… pic.twitter.com/hRHKLnKqLc
— Pushyamitra Bhargav (@advpushyamitra) December 28, 2025
समाधान का भरोसा
चर्चा के दौरान सफाई मित्रों ने अपनी जरूरतों और दिक्कतों को भी खुलकर रखा। महापौर ने भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं का प्राथमिकता से समाधान किया जाएगा। संसाधन, सुविधाएं और कार्यस्थल से जुड़े मुद्दों पर जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया गया। इस मौके पर महापौर प्रतिनिधि भारत पारख, क्षेत्रीय जोनल अधिकारी, स्वास्थ्य अधिकारी और सीएआई के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। अधिकारियों की मौजूदगी ने यह संदेश दिया कि स्वच्छता सिर्फ एक विभाग नहीं, बल्कि पूरी टीम का साझा प्रयास है।
बैठक के अंत में महापौर और सफाई मित्रों ने मिलकर स्वच्छ इंदौर के संकल्प को दोहराया। साधारण चाय-पोहा की यह बैठक एक बड़े संदेश के साथ खत्म हुई कि इंदौर की सफाई की असली ताकत उसके सफाई मित्र हैं और उनकी भागीदारी से ही शहर आगे बढ़ता रहेगा।
