स्वच्छता में देशभर में नंबर वन रहने वाले इंदौर को अब और भी बेहतर बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। नए नगर निगम आयुक्त दिलीप कुमार यादव ने साफ कहा है कि सफाई सिर्फ सर्वे के समय दिखाने का काम नहीं है, बल्कि यह रोजमर्रा की जिम्मेदारी है। इसके लिए हर अधिकारी और कर्मचारी को टीम की तरह काम करना होगा।
फील्ड से मॉनिटरिंग
शनिवार को सिटी बस ऑफिस में हुई पहली समीक्षा बैठक में उन्होंने स्वास्थ्य विभाग, जनकार्य, उद्यान, भवन अनुज्ञा और अन्य विभागों के अधिकारियों से मुलाकात की। आयुक्त ने कहा कि अच्छा काम करने वालों को पूरा सहयोग मिलेगा, लेकिन लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने चेतावनी दी कि सभी अधिकारी रोजाना फील्ड में जाकर काम की निगरानी करें।
आयुक्त ने सड़कों की स्थिति पर खास ध्यान देने को कहा। उन्होंने कहा कि बारिश थम चुकी है, ऐसे में पेचवर्क और मरम्मत का काम तेजी से होना चाहिए। उन्होंने साफ किया कि चाहे सड़क किसी भी विभाग की हो, लेकिन अगर उसमें गड्ढे होंगे तो जिम्मेदारी नगर निगम पर ही आएगी।
आयुक्त श्री दिलीप कुमार यादव ने निगम अधिकारियों की समीक्षा बैठक में कहा कि स्वच्छता अब सतत कार्य है,केवल सर्वेक्षण तक सीमित नहीं।सभी अधिकारी फील्ड पर रहकर कार्य करें। @DileepYadavIAS@urbansbm @SwachhBharatGov pic.twitter.com/vhRHjcjBYG
— Indore Municipal Corporation (@SwachhIndore) September 13, 2025
ट्रैफिक व्यवस्था पर सख्ती
बैठक में शहर के ट्रैफिक मैनेजमेंट को लेकर भी चर्चा हुई। आयुक्त ने कहा कि व्यावसायिक इमारतों में बेसमेंट और पार्किंग की सुविधा अनिवार्य होनी चाहिए। अगर किसी बिल्डिंग में नियमों के खिलाफ काम होता है तो सिर्फ मालिक ही नहीं, बल्कि संबंधित भवन अधिकारी और निरीक्षक पर भी कार्रवाई होगी।
अवैध निर्माण पर रोक
नए आयुक्त ने भवन अनुज्ञा शाखा और कॉलोनी सेल को निर्देश दिए कि आपस में तालमेल रखते हुए रोज फील्ड पर निगरानी करें। उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र में अवैध कॉलोनी या अनधिकृत निर्माण नहीं होना चाहिए। अगर कहीं ऐसा होता है और कार्रवाई समय पर नहीं हुई, तो सीधे-सीधे संबंधित जोन अधिकारी और भवन अधिकारी पर जिम्मेदारी तय की जाएगी।
