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इंदौर के राऊ में सियासी रंजिश का खूनी खेल, भाजपा युवा मोर्चा पदाधिकारी पर जानलेवा हमले का आरोप

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Published On: 8 February 2026

इंदौर के राऊ इलाके में रविवार सुबह उस वक्त सनसनी फैल गई, जब दो युवकों पर सरेआम जानलेवा हमला कर दिया गया। आरोप है कि इस हमले में भाजपा युवा मोर्चा का एक पदाधिकारी अपने साथियों के साथ शामिल था। हमले में न सिर्फ युवकों के साथ बेरहमी से मारपीट की गई, बल्कि उनकी स्कॉर्पियो कार के कांच भी तोड़ दिए गए। गंभीर रूप से घायल दोनों युवकों को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

पुलिस के मुताबिक, पीड़ित प्रखर शर्मा और नयन बाफना, जो सुदामा नगर के रहने वाले हैं, सुबह कैट रोड स्थित एक कैफे से चाय पीकर अपनी स्कॉर्पियो से लौट रहे थे। इसी दौरान आरोपियों ने उनका पीछा करना शुरू किया। कुछ दूरी पर कार को जबरन रुकवाया गया और फिर अचानक हमला बोल दिया गया। घटना इतनी तेजी से हुई कि आसपास मौजूद लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही हमलावर फरार हो गए।

इंदौर के राऊ में सियासी रंजिश का खूनी खेल

पुलिस जांच में सामने आया है कि हमले का मुख्य आरोपी भाजपा युवा मोर्चा का मंडल उपाध्यक्ष वेदांत तिवारी है। उसके साथ समीर शर्मा और आदित्य नामक युवक भी शामिल बताए जा रहे हैं। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से वर्चस्व को लेकर रंजिश चली आ रही थी, जो आखिरकार हिंसक टकराव में बदल गई।

हमलावरों ने युवकों को लाठी-डंडों और हाथों से पीटा, जिससे उन्हें सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं। इतना ही नहीं, गुस्से में आरोपियों ने स्कॉर्पियो कार के शीशे भी चकनाचूर कर दिए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमला बेहद आक्रामक था और साफ तौर पर जान से मारने की नीयत दिखाई दे रही थी।

FIR को लेकर सवाल

घटना के बाद घायल युवक जब राऊ थाने पहुंचे तो वहां स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। आरोप है कि सत्ताधारी दल से जुड़े आरोपी होने के कारण पुलिस ने शुरुआत में एफआईआर दर्ज करने में टालमटोल की। इस दौरान थाने में हंगामा भी हुआ और पीड़ित पक्ष ने सियासी दबाव का खुलकर आरोप लगाया। मामला बढ़ने के बाद पुलिस को आखिरकार आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज करना पड़ा।

पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच की जा रही है और आरोपियों की भूमिका की गहनता से पड़ताल की जाएगी। वहीं, इस घटना ने एक बार फिर शहर में राजनीतिक प्रभाव और कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि राजनीतिक रसूख के चलते यदि ऐसे मामलों में देरी होती रही, तो अपराधियों के हौसले और बढ़ेंगे।

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