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इंदौर में किराए की कारें बनीं गिरवी का हथियार, परिचय की आड़ में लाखों की ठगी; लसूडिया पुलिस ने दर्ज किया मामला

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Published On: 11 January 2026

इंदौर में कार रेंटल व्यवसाय से जुड़े एक संचालक के साथ धोखाधड़ी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। लसूडिया थाना क्षेत्र में दर्ज इस केस में आरोपी ने पुराने परिचय और भरोसे का फायदा उठाकर न सिर्फ लाखों रुपये का चूना लगाया, बल्कि किराए पर ली गई कारों को भी गिरवी रख दिया। पीड़ित का कहना है कि यह सब अचानक नहीं, बल्कि सुनियोजित तरीके से किया गया।

सेक्टर-ई, स्लाइस निवासी प्रीतम कुशवाह की बागेश्वर कार रेंटल कंपनी है। उन्होंने पुलिस को बताया कि वे आरोपी अंजन श्रीवास्तव को करीब चार साल से जानते थे। अंजन ने खुद को पान मसाला निर्माता बताते हुए ‘सागर गुटका’ ब्रांड से जुड़े कारोबार का दावा किया था। काम के सिलसिले में प्रदेशभर में घूमने का हवाला देकर उसने लगातार कारें किराए पर लेना शुरू किया।

इंदौर में सब ठीक

शिकायत के मुताबिक, शुरुआती दौर में दोनों के बीच तय शर्तों के अनुसार हिसाब-किताब और भुगतान समय पर होता रहा। इसी भरोसे पर पिछले दो सालों में अंजन ने एक के बाद एक कई कारें किराए पर लीं। लेकिन अगस्त 2025 के बाद स्थिति अचानक बदल गई। किराया आना बंद हो गया और उस वक्त आरोपी के पास करीब पांच कारें थीं। जब प्रीतम ने कारें लौटाने और बकाया रकम की मांग की, तो आरोपी टालमटोल करने लगा। शक गहराने पर कारों की जीपीएस लोकेशन चेक कराई गई। इसी दौरान पता चला कि फर्जी दस्तावेजों के जरिए कारों को अलग-अलग जगहों पर गिरवी रख दिया गया है। यह खुलासा पीड़ित के लिए बड़ा झटका साबित हुआ।

धमकियों से बढ़ा तनाव

प्रीतम का आरोप है कि जब उन्होंने सख्ती दिखाई तो आरोपी ने उल्टा धमकियां देना शुरू कर दिया। न कारें वापस की गईं और न ही लाखों रुपये का भुगतान हुआ। लगातार मानसिक दबाव और आर्थिक नुकसान झेलने के बाद पीड़ित ने आखिरकार पुलिस का दरवाजा खटखटाया। शनिवार को लसूडिया थाने में दर्ज शिकायत के आधार पर पुलिस ने अंजन श्रीवास्तव के खिलाफ धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहराई से जांच की जा रही है, कारों को गिरवी रखने से जुड़े दस्तावेज खंगाले जा रहे हैं और आरोपी की भूमिका की पूरी पड़ताल होगी।

कारोबारियों के लिए चेतावनी

यह मामला शहर के अन्य कारोबारियों के लिए भी सबक है कि सिर्फ परिचय और भरोसे के आधार पर बड़े लेन-देन करना कितना जोखिम भरा हो सकता है। पुलिस का कहना है कि दोषी पाए जाने पर आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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