इंदौर | शहर के रामबाग मुक्तिधाम में शुक्रवार सुबह उस समय हंगामा हो गया, जब अस्थि संचय के लिए पहुंचे जैन समाज के परिजनों ने दाह स्थल पर शराब की बोतल और अंडे पड़े देखे। साथ ही मृतक के सिर की हड्डियां भी गायब मिलीं। इस घटना ने परिजनों और समाज के लोगों को गहरे आक्रोश में ला दिया। परिजनों का कहना है कि यह सब किसी तांत्रिक क्रिया का हिस्सा हो सकता है।
ये है पूरा मामला
जानकारी के मुताबिक, मृतक का अंतिम संस्कार शाम करीब 4 बजे किया गया था। परंपरा के अनुसार, शुक्रवार सुबह अस्थि संचय के लिए परिजन मुक्तिधाम पहुंचे। दामाद सन्नी और अन्य रिश्तेदारों का कहना है कि जैसे ही वे दाह स्थल पर पहुंचे, तो वहां का नजारा देखकर दंग रह गए। चिता के पास 15 से 20 अंडे, शराब की बोतल और सिंदूर पड़ा हुआ था। वहीं, जब अस्थियों को इकट्ठा किया गया तो सिर का हिस्सा पूरी तरह गायब था।
सीसीटीवी कैमरों में कैद
इस घटना को देखकर परिजनों ने तुरंत आपत्ति जताई और मुक्तिधाम परिसर में मौजूद कर्मचारियों से जवाब मांगा। कर्मचारियों ने सफाईकर्मी बुलाकर वहां से सामान हटवाया, लेकिन परिजन इससे संतुष्ट नहीं हुए। उनका आरोप है कि कर्मचारियों ने मामले की गंभीरता को नजरअंदाज किया और उचित जवाब भी नहीं दिया।
मुक्तिधाम में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखने की कोशिश की गई, लेकिन रिकॉर्डिंग धुंधली होने के कारण कोई स्पष्ट तस्वीर सामने नहीं आई। परिजन प्रबंधन से साफ फुटेज उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं ताकि यह पता चल सके कि आखिर चिता स्थल पर शराब और अंडे किसने रखे।
भावनाओं को गहरा आघात
दामाद सन्नी ने कहा कि इस घटना ने समाज की भावनाओं को गहरा आघात पहुंचाया है। उन्हें आशंका है कि शवदाह के बाद मृतक की हड्डियों का उपयोग तांत्रिक क्रियाओं में किया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस मामले की गंभीर जांच नहीं हुई तो ऐसे घटनाक्रम भविष्य में भी दोहराए जा सकते हैं।
जैन समाज के लोगों ने इसे बेहद गंभीर और संवेदनशील मामला बताया है। उनका कहना है कि मृतक के प्रति अपमानजनक स्थिति पैदा करना न केवल परिजनों की भावनाओं से खिलवाड़ है, बल्कि धार्मिक आस्थाओं पर भी चोट है। परिजनों ने निर्णय लिया है कि पूरे मामले की शिकायत पुलिस से की जाएगी और मांग की जाएगी कि दोषियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाए।
