इंदौर शहर के कुछ इलाकों में नालों और सीवर के पानी का इस्तेमाल खेतों में किया जा रहा है, जहां सब्ज़ियों की खेती की जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि नालों के पानी में गंदगी और विषैले तत्व मौजूद होते हैं, जो सीधे फसल में चले जाते हैं। इस तरह उगाई गई सब्ज़ियाँ स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती हैं।
इंदौर में जहरीली सब्जियों से हुई घटना के बाद नगर निगम को निर्देश दिए गए थे कि वे नालों और सीवर पानी के स्रोतों का नियमित निरीक्षण करें। लेकिन शहर में इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। निगम के अमले की अनदेखी या लापरवाही के कारण यह सिलसिला अब भी जारी है।
इंदौर कांड के बाद भी अनदेखी
भरहुत नाले के सीवर युक्त पानी को मोटर के जरिए खेतों में डाला जा रहा है। यह प्रवाह विशेष रूप से उन इलाकों में देखा गया है, जहां सब्ज़ियों की खेती शहरी इलाके के पास की जा रही है। प्रतिबंध और आदेशों के बावजूद इस तरह की खेती जारी रहना नगर निगम की निगरानी में बड़ी चूक को दर्शाता है।
नागरिकों की सेहत पर खतरा
जहरीली सब्जियों के सेवन से शरीर में धीरे-धीरे विषैले तत्व जमा होते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे नसों और आंतरिक अंगों पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। ऐसे सब्ज़ियों को बाजार में बेचने से जनता के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न हो रहा है। शहर में इस तरह की खेती रोकने के लिए तत्काल सख्त कार्रवाई की आवश्यकता है। विशेषज्ञ और नागरिक प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि नालों के पानी का खेतों में उपयोग रोकने के लिए नियमित निरीक्षण किया जाए। इसके साथ ही जो सब्ज़ियाँ इस पानी से उगाई जा रही हैं, उन्हें बाजार में बेचने से रोका जाए।
