इंदौर के देवी अहिल्याबाई होलकर विमानतल पर एक बार फिर जंगली जानवरों की मौजूदगी ने विमान सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। रनवे के समीप लगाए गए पिंजरों में से एक में सियार फंस गया, जिसे बाद में वन विभाग की टीम ने सुरक्षित रूप से जंगल में छोड़ दिया। एयरपोर्ट परिसर में इस तरह की घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं, जिससे प्रबंधन लगातार सतर्क है।
एयरपोर्ट डायरेक्टर सुनील मग्गीरवार ने बताया कि विमानों की सुरक्षित उड़ान सुनिश्चित करने के लिए परिसर में विशेष निगरानी अभियान चलाया जा रहा है। रनवे और उससे सटे क्षेत्रों में कई स्थानों पर पिंजरे लगाए गए हैं। नियमित निरीक्षण के दौरान एक पिंजरे में सियार दिखाई दिया। तत्काल वन विभाग को सूचना दी गई, जिसके बाद टीम मौके पर पहुंची और आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर उसे सुरक्षित स्थान पर छोड़ दिया।
इंदौर ऑपरेशनल एरिया
एयरपोर्ट का ऑपरेशनल क्षेत्र 728 एकड़ से अधिक में फैला है। रनवे के आसपास बड़े खुले मैदान और घास-फूस वाले इलाके हैं, जो जंगली जानवरों को आकर्षित करते हैं। कई बार ये जानवर बाउंड्रीवॉल के नीचे से रास्ता बनाकर अंदर प्रवेश कर जाते हैं। यही वजह है कि वन्यजीवों की आवाजाही पूरी तरह रोक पाना चुनौती बना हुआ है।
संयुक्त अभियान से रोकथाम की कोशिश
इस खतरे को देखते हुए एयरपोर्ट प्रबंधन और वन विभाग संयुक्त रूप से अभियान चला रहे हैं। बाउंड्रीवॉल की नियमित जांच, कमजोर हिस्सों की मरम्मत और संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त निगरानी की जा रही है। साथ ही, पिंजरों की संख्या बढ़ाकर संभावित खतरे को कम करने का प्रयास किया जा रहा है।
अधिकारियों के मुताबिक इस घटना से विमान संचालन पर कोई असर नहीं पड़ा। सुरक्षा मानकों के तहत सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि यात्रियों और विमानों की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता न हो। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे समय के लिए ठोस समाधान तैयार करना आवश्यक है, जिससे भविष्य में ऐसी घटनाएं दोहराई न जाएं।
