शेयर ट्रेडिंग में निवेश का झांसा देकर महिला से लाखों रुपए की ठगी करने वाले एक गिरोह को स्टेट साइबर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने सोशल मीडिया के जरिए पहले दोस्ती की, फिर भरोसा जीतकर निवेश का लालच दिया और ऑनलाइन ठगी को अंजाम दिया। मामले में करीब 14.16 लाख रुपए की धोखाधड़ी सामने आई है, जिसकी राशि भी पुलिस ने बरामद कर ली है।
पीड़ित महिला जबलपुर की निवासी है और वह अपना व्यवसाय शुरू करने की योजना बना रही थी। इसी दौरान उसकी पहचान सोशल मीडिया के माध्यम से इंदौर निवासी अनिकेत मात्रे से हुई। बातचीत के दौरान आरोपी ने खुद को शेयर ट्रेडिंग से जुड़ा बताते हुए कम समय में रकम दोगुनी करने का दावा किया। महिला ने आरोपी की बातों पर भरोसा कर अलग-अलग किश्तों में कुल 14 लाख 16 हजार रुपए निवेश कर दिए।
इंदौर से 4 आरोपी गिरफ्तार
निवेश के बाद कई महीने बीत गए, लेकिन न तो महिला को कोई मुनाफा मिला और न ही आरोपी से संपर्क हो पाया। कॉल और मैसेज का जवाब बंद होने पर महिला को ठगी का अहसास हुआ। इसके बाद उसने स्टेट साइबर पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई और पूरे मामले की जानकारी दी।
मामले की जांच स्टेट साइबर सेल के निरीक्षक नीलेश अहिरवार के नेतृत्व में की गई। जांच में पता चला कि अनिकेत मात्रे अपने साथियों के साथ मिलकर सुनियोजित तरीके से इस ठगी को अंजाम दे रहा था। आरोपी सोशल मीडिया पर सक्रिय रहकर खासतौर पर महिलाओं को अपने जाल में फंसाते थे और शेयर ट्रेडिंग के नाम पर उनसे बड़ी रकम ऐंठ लेते थे।
जांच के आधार पर पुलिस टीम ने इंदौर में दबिश देकर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में अनिकेत मात्रे, अभिषेक मात्रे, दयानंद मांझी, अक्षय मंडलिक और मिथुन जाटव शामिल हैं। सभी आरोपी इंदौर के निवासी बताए गए हैं। रविवार को चारों को गिरफ्तार कर जबलपुर लाया गया और कोर्ट में पेश किया गया।
अन्य मामलों के खुलासे की उम्मीद
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के दौरान आरोपियों से अन्य ऑनलाइन ठगी के मामलों के बारे में भी अहम जानकारियां मिली हैं। आशंका है कि यह गिरोह पहले भी कई लोगों को इसी तरह ठगी का शिकार बना चुका है। फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और ठगी से जुड़े अन्य पीड़ितों की तलाश भी की जा रही है।
