जबलपुर जिले के कुंडम थाना क्षेत्र स्थित कुंडम बस्ती में धर्मांतरण को लेकर विवाद सामने आया है। हिंदू संगठनों ने एक किराए के मकान में कथित चंगाई सभा के आयोजन को लेकर गंभीर आरोप लगाए। मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए। बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद ने करीब 9 मिनट का एक वीडियो जारी करते हुए दावा किया कि कुंडम बस्ती में एक दंपती लंबे समय से चंगाई सभा के माध्यम से आदिवासी समाज के लोगों को ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित कर रहा है। संगठनों का आरोप है कि इलाज और चमत्कार के नाम पर भोले-भाले लोगों को लालच दिया जा रहा था।
हिंदू संगठनों का कहना है कि कुंडेश्वर तहसील के आदिवासी बहुल क्षेत्रों में ऐसी गतिविधियां लगातार चल रही थीं। आरोप लगाया गया कि बीमारी से परेशान गरीब आदिवासियों को बेहतर इलाज और आर्थिक मदद का भरोसा देकर उन्हें प्रार्थना सभाओं में बुलाया जाता था। धीरे-धीरे उन्हें धर्म परिवर्तन के लिए मानसिक रूप से तैयार किया जा रहा था।
मची अफरा-तफरी
विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ता जब मौके पर पहुंचे, तो कथित तौर पर सभा में शामिल होने आए लोग घर से बाहर निकलकर इधर-उधर भागने लगे। इससे कार्यकर्ताओं का संदेह और गहरा गया। मौके पर नारेबाजी हुई और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को बुलाया गया। हिंदू संगठनों का कहना है कि शुरुआती दौर में पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया। कार्यकर्ताओं के भारी विरोध और दबाव के बाद ही पुलिस ने कार्रवाई की। इसके बाद कुंडम थाने में धर्मांतरण में शामिल बताए जा रहे लोगों की सूची सौंपकर एफआईआर दर्ज कराई गई।
आगे भी विरोध की चेतावनी
विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के नेताओं ने साफ शब्दों में कहा है कि यदि भविष्य में चंगाई सभा या किसी अन्य माध्यम से धर्मांतरण की कोशिश सामने आती है, तो उसका कड़ा विरोध किया जाएगा। उनका कहना है कि जो भी संगठन विदेशी धर्म को बढ़ावा देने के लिए इस तरह की गतिविधियां करेगा, वहां संगठन के कार्यकर्ता पहुंचकर विरोध दर्ज कराएंगे। वहीं, आरोपों के घेरे में आए दंपती राजेंद्र और दीपा ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि उन्होंने किसी को जबरदस्ती सभा में नहीं बुलाया। जो लोग आए थे, वे अपनी इच्छा से आए थे। दंपती के मुताबिक, उनके यहां केवल प्रार्थना सभा होती है और किसी का धर्म परिवर्तन नहीं कराया जाता।
जांच के बाद साफ होगी तस्वीर
फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। वीडियो, शिकायत और बयान के आधार पर तथ्य जुटाए जा रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि आरोप सही हैं या नहीं। तब तक क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।
