मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव दावोस वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम 2026 से लौटकर शुक्रवार रात जबलपुर पहुंचे। उन्होंने कहा कि फोरम में एमपी को निवेश और उद्योग हब के रूप में प्रस्तुत किया गया, जहां 3000 से अधिक वैश्विक लीडर्स उपस्थित थे। सीएम ने बताया कि प्रदेश की सस्ती बिजली, मजबूत इन्फ्रास्ट्रक्चर और निवेश-अनुकूल नीतियों ने निवेशकों को आकर्षित किया।
सीएम यादव ने घोषणा की कि भोपाल और इंदौर के बाद अब जबलपुर को भी मेट्रोपॉलिटन शहर के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके तहत शहर में IT हब, पर्यटन और रोजगार सृजन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इससे करीब 50 हजार नए रोजगार सृजित होने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि राज्य में उद्योगों और व्यापार के लिए अनुकूल माहौल बनाने के लिए कई सड़कों और बुनियादी ढांचे में सुधार किया गया है।
दावोस में वैश्विक निवेशकों से मुलाकात
दावोस में सीएम ने वैश्विक निवेशकों से चर्चा की और ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग, EV ट्रांजिशन और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में निवेश पर जोर दिया। एमपी ने लॉजिस्टिक्स सेक्टर में 500 करोड़ रुपए के निवेश का समझौता किया। यादव ने कहा कि प्रदेश की 4 रुपए प्रति यूनिट बिजली और ग्रीन एनर्जी नीति ने निवेशकों की रुचि बढ़ाई है।
विकास दर और निवेश का प्रदर्शन
सीएम ने कहा कि मध्यप्रदेश की विकास दर 8% से ऊपर है, जो राष्ट्रीय औसत 7% से बेहतर है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में ऊर्जा क्षेत्र में प्रगति और उद्योग-अनुकूल नीतियों ने रोजगार सृजन और आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
सीएम यादव ने पाकिस्तान और बांग्लादेश पर तंज कसते हुए कहा कि दावोस में अन्य देशों के प्रतिनिधि भारतीय प्रतिनिधियों से मिलने के लिए लगे थे। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज दुनिया भारत और विशेषकर मध्यप्रदेश से जुड़ना चाहती है। उन्होंने कहा कि 2014 के पहले और अब भारत की स्थिति में व्यापक बदलाव आया है और निवेशकों का ध्यान पूरी तरह से भारत की ओर है।
भविष्य की योजनाएं
सीएम ने बताया कि प्रदेश में लगातार इन्फ्रास्ट्रक्चर सुधार किए जा रहे हैं। भोपाल और इंदौर को मेट्रोपॉलिटन बनाने के बाद अब जबलपुर में भी इसी तरह का विकास किया जाएगा। उन्होंने उद्योगपतियों से कहा कि बेहतर सड़क, बिजली और निवेश-अनुकूल माहौल के कारण मध्यप्रदेश तेजी से निवेश हब बन रहा है।
