जबलपुर | मध्य प्रदेश के जबलपुर के जयप्रकाश नारायण वार्ड में सोमवार रात दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई। 70 वर्षीय हीराबाई चौधरी की संदिग्ध परिस्थितियों में गला घोंटकर हत्या कर दी गई। हैरान करने वाली बात ये है कि हत्या के वक्त घर में उनकी दो नातिनें भी मौजूद थीं, जिनके हाथ-पैर बांधकर उन्हें बेहोश कर दिया गया।
हीराबाई अपनी 15 और 17 साल की नातिनों के साथ अकेली रहती थीं। रोज की तरह रात का खाना खाने के बाद तीनों सो गईं। मंगलवार सुबह जब बेटी लक्ष्मी चौधरी मां से मिलने पहुंची, तो दरवाजा खुला मिला। अंदर का नजारा देखकर वह स्तब्ध रह गई। दोनों किशोरियां बेहोश पड़ी थीं, उनके हाथ-पैर बंधे थे। वहीं, हीराबाई मृत अवस्था में ज़मीन पर थीं, उनके गले पर दबाव के गहरे निशान थे।
परिजनों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भेज दिया। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुराना विवाद बना शक की वजह
हीराबाई के बेटे अनिल चौधरी और बेटी लक्ष्मी ने पड़ोसी परिवार पर हत्या का शक जताया है। उनका कहना है कि छत्रपाल गुप्ता और उनके परिवार से पहले से विवाद चल रहा था। सोमवार को इसी विवाद को लेकर अनिल के भांजे राज के खिलाफ लूट का मामला दर्ज हुआ और उसे जेल भेज दिया गया। परिजनों का मानना है कि बदले की नीयत से ही रात में इस वारदात को अंजाम दिया गया।
सबकुछ हो गया ब्लैक आउट
बेहोशी से उठने के बाद किशोरियों ने पुलिस को बताया कि रात में एक व्यक्ति कमरे में आया था, जिसने कोई महकदार चीज छिड़की। इसके बाद उन्हें कुछ भी याद नहीं, आंख खुली तो खुद को बंधा हुआ पाया और दादी मृत मिलीं।
पुलिस ने शुरू की जांच
कोतवाली थाना प्रभारी मानस द्विवेदी ने बताया कि मामले की जांच कई एंगल से की जा रही है। कमरे का दरवाजा अंदर से बंद मिला, जिससे मामला और उलझ गया है। फिलहाल, शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगा कि मौत की असली वजह क्या थी। परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की भी जांच जारी है।
