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दावोस में MP को मिला अंतरराष्ट्रीय मंच, डबल इंजन सरकार से विकास को मिली नई रफ्तार

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Published On: 24 January 2026

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि MP आज उद्योग, ऊर्जा और रोजगार के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो चुका है। केंद्र और राज्य सरकार के मजबूत समन्वय के चलते प्रदेश में व्यापार, निवेश और औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिली है। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार का सीधा लाभ प्रदेश के विकास और आर्थिक मजबूती के रूप में सामने आ रहा है।

जबलपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने बताया कि हाल ही में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में मध्यप्रदेश की औद्योगिक नीतियों, निवेश संभावनाओं और अनुकूल कारोबारी माहौल को वैश्विक मंच पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों और विभागों ने अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के सामने मध्यप्रदेश को एक आकर्षक निवेश गंतव्य के रूप में पेश किया, जिसका सकारात्मक असर देखने को मिल रहा है।

MP को मिला अंतरराष्ट्रीय मंच

मुख्यमंत्री के अनुसार, देश-विदेश के बड़े उद्योगपति अब मध्यप्रदेश में निवेश और व्यापार के लिए उत्सुक हैं। औद्योगिक नीतियों में किए गए सुधार, सरल प्रक्रियाएं और बेहतर आधारभूत ढांचे ने निवेशकों का भरोसा मजबूत किया है। इससे रोजगार के नए अवसर भी सृजित हो रहे हैं।

ऊर्जा क्षेत्र में नई क्रांति का दावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऊर्जा के क्षेत्र में मध्यप्रदेश ने उल्लेखनीय प्रगति की है। पंप स्टोरेज, सोलर और विंड एनर्जी जैसे क्षेत्रों में राज्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि डिस्कॉम्स के माध्यम से प्रदेश में देश की सबसे सस्ती बिजली उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे उद्योगों को लागत में राहत मिल रही है और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ रही है।

मुख्यमंत्री ने दावा किया कि मध्यप्रदेश उन राज्यों में शामिल है जहां बेरोजगारी दर सबसे कम है। वर्तमान में यह दर लगभग 1 से 1.5 प्रतिशत के बीच बताई जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की युवा आबादी, पर्याप्त बिजली, मजबूत लैंड बैंक, जल संसाधन और कुशल श्रम शक्ति विकास को मजबूती दे रही है।

मेट्रोपॉलिटन विकास को बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि वर्ष 2025 में इंदौर–उज्जैन और भोपाल–राजधानी क्षेत्र को मिलाकर दो मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र विकसित किए गए हैं और अब तीसरे मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र के रूप में जबलपुर को विकसित किया जाएगा। पर्यटन की दृष्टि से जबलपुर को महत्वपूर्ण बताते हुए उन्होंने यहां एक बड़े रेस्क्यू सेंटर की स्थापना की घोषणा की, जिससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

अर्थव्यवस्था पर फोकस

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान वर्ष को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। सरकार किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य, बेहतर भंडारण और कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। महाकौशल क्षेत्र में कृषि की अपार संभावनाओं का लाभ उठाकर किसानों की आय बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।

मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि मजबूत नीतियों, संसाधनों के बेहतर उपयोग और केंद्र–राज्य समन्वय के माध्यम से मध्यप्रदेश विकास, रोजगार और आर्थिक समृद्धि के नए मानक स्थापित करेगा।

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