नए साल से पहले मादक पदार्थों की तस्करी को रोकने के लिए MP एसटीएफ ने बड़ी कार्रवाई की। बुधवार सुबह एसटीएफ एसपी राजेश सिंह भदौरिया को मुखबिर से सूचना मिली कि एक ट्रक में उड़ीसा से गांजा छत्तीसगढ़ होते हुए मध्यप्रदेश लाया जा रहा है। तुरंत ही एसपी ने इस सूचना को एसटीएफ डीजी पंकज श्रीवास्तव को दी। डीजी के निर्देश पर दो टीमों का गठन कर सीमावर्ती इलाकों में कड़ी निगरानी शुरू की गई।
सूचना मिलते ही जबलपुर की एसटीएफ टीम गठित की गई और इसकी कमान डीएसपी संतोष तिवारी को सौंपी गई। टीम को छत्तीसगढ़–मध्यप्रदेश सीमा पर तैनात किया गया। उड़ीसा से आ रहा ट्रक जैसे ही बिलासपुर के जंगलों में दाखिल हुआ, टीम ने करीब 152 किलोमीटर तक उसका पीछा किया। यह लंबी पीछा-पड़ताल आखिरकार तस्करी का खेल बेनकाब करने में सफल रही।
तस्करों ने पुलिस को किया गुमराह
जानकारी के मुताबिक ट्रक आमतौर पर माल से भरा रहता है, लेकिन तस्करों ने पुलिस को भ्रमित करने के लिए इसे पीछे से खाली दिखाया। ट्रक नंबर JH 02 BL 7103 के आधार पर निगरानी की जा रही थी। पीछे से खाली दिखने पर एसटीएफ की टीम थोड़ी देर के लिए भ्रमित हुई। इसके बाद ट्रक चालक मुख्य मार्ग छोड़कर गांव की सड़कों से आगे बढ़ गया, ताकि पकड़ से बच सके।
एसटीएफ ने ट्रक को रोकने में सफलता पाई। कार्रवाई में कुल 599 किलो गांजा बरामद किया गया, जिसकी बाजार कीमत करीब 1 करोड़ 80 लाख रुपए बताई जा रही है। इस मामले में गुरुवार को दो तस्करों को गिरफ्तार किया गया। इस बड़ी सफलता से मादक पदार्थों की तस्करी पर नियंत्रण के लिए एसटीएफ की सतर्कता की मिसाल पेश हुई है।
तकनीक की बड़ी भूमिका
एसटीएफ अधिकारियों ने बताया कि इस कार्रवाई में मुखबिर की सूचना, सीमावर्ती निगरानी और लंबी दूरी तक ट्रक का पीछा करना निर्णायक साबित हुआ। तस्करों की हर चाल को भांप कर सही समय पर कार्रवाई ने बड़ी मात्रा में गांजा देश में आने से रोक दिया। एसटीएफ ने चेतावनी दी है कि नए साल के मौके पर मादक पदार्थों की तस्करी पर पूरी सतर्कता बरती जा रही है। सीमाओं और मुख्य मार्गों पर पैनी नजर रखी जा रही है और ऐसे तस्करों को कोई भी मौका नहीं मिलेगा।
