,

12 करोड़ की दौलत, बाघ की खाल और अब तक फरार अफसर; ‘जगदीश सरवटे कनेक्शन’ की खुल रहीं परतें

Author Picture
Published On: 28 July 2025

जबलपुर | मध्यप्रदेश में आदिम जाति कल्याण विभाग के डिप्टी कमिश्नर रहे जगदीश सरवटे की कहानी अब सिर्फ भ्रष्टाचार की नहीं, बल्कि शानो-शौकत और गुमनामी की भी बनती जा रही है। जबलपुर EOW की टीम की कार्रवाई जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे उनकी दौलत की परतें भी खुलती जा रही हैं। अब जांच में सामने आया है कि सरवटे भोपाल के एक लग्जरी फ्लैट में भी रह चुके हैं, जिसे उन्होंने बाद में किराए पर दे दिया था।

आरामगाह बना लिया था फ्लैट

भोपाल के जिस फ्लैट की कीमत लगभग 45 लाख रुपये आंकी गई है, वहां ईओडब्ल्यू की टीम जांच कर रही है। सूत्रों का कहना है कि यह फ्लैट सरवटे का निजी ठिकाना था, जहां वे सुकून के पल बिताया करते थे। जांच एजेंसी को उम्मीद है कि यहां से भी नकदी, दस्तावेज और महंगी शराब जैसी संपत्तियां सामने आ सकती हैं।

पता नहीं कहां हैं अफसर

25 जुलाई को जबलपुर में पूछताछ के बाद सरवटे को उनके घर छोड़ा गया था। लेकिन तब से लेकर अब तक उनका कोई अता-पता नहीं है। उनका मोबाइल बंद है और न ही वे जांच एजेंसी के समक्ष दोबारा पेश हुए हैं। अगली बार अगर वे नहीं आते, तो उन्हें कानूनी नोटिस थमाया जाएगा।

जंगलों में भी ‘संपत्ति साम्राज्य’

जांच में सामने आया कि सरवटे का नेटवर्क सिर्फ शहरों तक सीमित नहीं था। बांधवगढ़ और कान्हा जैसे जंगलों में उनके आलीशान रिसॉर्ट हैं। जबलपुर के रामपुर और आधारताल में उनके दो बड़े मकानों से नकदी, शराब, सोने-चांदी के जेवर और बैंक खातों के दस्तावेज़ बरामद किए गए। मंडला जिले में उनके नाम पर हाईवे किनारे “जायका” नामक ढाबा भी मिला है।

खाल मिली, मां गिरफ्तार

जांच के दौरान एक चौंकाने वाला मामला तब सामने आया जब सरवटे के घर से बाघ की खाल बरामद हुई। इस पर उनकी मां सावित्री सरवटे ने दावा किया कि यह खाल उन्हें 30 साल पहले पूजा के लिए उनके ससुर से मिली थी। वन विभाग ने इसे कानून का उल्लंघन मानते हुए उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

ईओडब्ल्यू की अब तक की पड़ताल

अब तक की जांच में करीब ₹12 करोड़ की संपत्ति का खुलासा हो चुका है। इसमें फ्लैट, रिसॉर्ट, ढाबा, होटल, सोने-चांदी के जेवर, शराब की 56 बोतलें, 10 बैंक खातों में संदिग्ध लेनदेन, और निर्माणाधीन प्रॉपर्टी शामिल है। सरवटे का यह भ्रष्टाचार अब प्रदेश का सबसे चर्चित मामला बन चुका है, लेकिन असली सवाल अभी भी यही है कि अफसर साहब आखिर हैं कहां?

Related News
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp