जबलपुर में शनिवार सुबह मौसम ने अचानक करवट ले ली। सुबह करीब छह बजे से शहर के कई इलाकों में हल्की बूंदाबांदी दर्ज की गई। शुक्रवार देर रात से ही आसमान में बादलों की हल्की परत छाई हुई थी और हवा में नमी महसूस की जा रही थी। सुबह जैसे ही फुहारें शुरू हुईं, लोगों ने ठंडक का एहसास किया। कुछ देर की इस बारिश ने मौसम को सुहाना बना दिया, लेकिन इसके साथ ही ठंड की वापसी भी महसूस होने लगी।
बूंदाबांदी के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई। पिछले कुछ दिनों से धीरे-धीरे कम हो रही ठंड एक बार फिर लौटती नजर आई। मॉर्निंग वॉक पर निकले लोग छाता, स्वेटर और हल्के गर्म कपड़ों में दिखाई दिए। चाय की दुकानों पर भी सामान्य दिनों की तुलना में ज्यादा भीड़ देखी गई। शहर के प्रमुख मार्गों पर हल्की फिसलन के कारण वाहन चालकों को सावधानी बरतनी पड़ी।
जबलपुर मौसम विभाग का अनुमान
मौसम विभाग के मुताबिक शनिवार को न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। दिनभर आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं और हल्की बारिश की संभावना भी जताई गई है। विभाग ने संकेत दिए हैं कि आगामी 24 घंटों तक मौसम इसी तरह बना रह सकता है। यदि बादल सक्रिय रहे तो तापमान में और गिरावट संभव है।
किसानों की बढ़ी चिंता
मौसम के इस अचानक बदलाव से जहां शहरवासियों को गर्मी से राहत मिली है, वहीं ग्रामीण इलाकों में किसानों की चिंता बढ़ गई है। इस समय कई फसलें खेतों में तैयार अवस्था में हैं। बेमौसम बारिश से फसलों को नुकसान की आशंका जताई जा रही है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यदि बारिश तेज होती है या ओलावृष्टि होती है तो गेहूं और चना जैसी फसलों पर असर पड़ सकता है। फिलहाल किसान आसमान की ओर टकटकी लगाए मौसम की चाल पर नजर रखे हुए हैं।
आने वाले दिनों पर टिकी नजर
मौसम में आई इस करवट ने एक बार फिर साबित कर दिया कि बदलते मौसम में सतर्क रहना जरूरी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी तापमान में उतार-चढ़ाव के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। अब देखना होगा कि बादल कितने दिन मेहरबान रहते हैं और बारिश का सिलसिला आगे बढ़ता है या थम जाता है।
