उज्जैन जिले की महिदपुर तहसील में कस्तूरबा गांधी कन्या छात्रावास में अचानक अफरा-तफरी मच गई, जब करीब 15 छात्राओं की तबीयत एक साथ बिगड़ने लगी। रात करीब 9:45 बजे छात्राओं ने आंखों में जलन, तेज खांसी और सांस लेने में परेशानी की शिकायत की। हॉस्टल स्टाफ ने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए सभी छात्राओं को महिदपुर अस्पताल पहुंचाया। प्रभावित छात्राओं के अनुसार, घटना से कुछ मिनट पहले हॉस्टल के बाहर दशहरा मैदान में कुछ गाड़ियों की आवाजाही दिखी थी। उसी दौरान खिड़कियों से धुएं जैसी गैस अंदर कमरों तक पहुंच गई। कुछ ही पलों में कई छात्राएं आंखों में तेज जलन और घुटन महसूस करने लगीं। स्थानीय प्रशासन और पुलिस को तत्काल सूचना दी गई, जिसके बाद अधिकारी मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया।
महिदपुर अस्पताल में चिकित्सकों ने तुरंत इलाज शुरू किया। डॉक्टरों का कहना है कि सभी छात्राओं की स्थिति स्थिर है और समय रहते अस्पताल पहुंचाने से स्थिति गंभीर होने से बच गई। एक छात्रा को अभी भी उल्टी और कमजोरी की शिकायत है, जबकि अन्य लड़कियों में सुधार देखा जा रहा है।
छात्राओं के बयान
कुछ छात्राओं ने बताया कि वे अपने कमरों में पढ़ाई कर रही थीं, तभी अचानक तीखे धुएं की गंध भीतर भरने लगी। शुरुआत में उन्हें लगा कि आसपास किसी ने कचरा जलाया होगा, लेकिन कुछ ही सेकंड बाद आंखों में तेज जलन, खांसी और सांस रुकने जैसी तकलीफ शुरू हो गई। स्टाफ ने तुरंत छात्राओं को बाहर निकाला और फिर अस्पताल पहुंचाया। छात्रावास के प्राचार्य एवं प्रभारी अर्जुन सिंह दावरे ने बताया कि घटना अचानक हुई और छात्राओं को तुरंत अस्पताल ले जाया गया। उन्होंने कहा, “हॉस्टल के बाहर मैदान में कुछ गाड़ियां जरूर दिखीं थीं, पर धुएं का स्रोत स्पष्ट नहीं है। सभी छात्राओं का इलाज हो गया है और अब उनकी हालत ठीक है।”
धुएं का स्रोत अब तक अज्ञात
स्थानीय प्रशासन ने घटना की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि धुआं किसी वाहन, रासायनिक पदार्थ या किसी अन्य स्रोत से आया था। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हॉस्टल परिसर के आसपास पुलिस की गश्त भी बढ़ा दी गई है।
