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महाकाल लोक में 5 दिवसीय महाकाल महोत्सव का आगाज, शंकर महादेवन की ‘शिवोऽहम्’ प्रस्तुति होगी आकर्षण

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Published On: 14 January 2026

संक्रांति पर्व के अवसर पर उज्जैन के महाकाल लोक में पांच दिवसीय महाकाल महोत्सव का भव्य आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन 14 जनवरी से 18 जनवरी तक महाकाल महालोक और त्रिवेणी संग्रहालय परिसर में होगा। संस्कृति, भक्ति और लोक परंपराओं से जुड़े इस महोत्सव को लेकर शहर में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।

महोत्सव के पहले दिन उद्घाटन सत्र में मुख्यमंत्री मोहन यादव शामिल होंगे। उद्घाटन संध्या का मुख्य आकर्षण पद्मश्री से सम्मानित प्रसिद्ध गायक शंकर महादेवन की विशेष संगीतिक प्रस्तुति होगी। वे अपने दोनों बेटों के साथ ‘शिवोऽहम्’ शीर्षक से शिव-भक्ति पर आधारित दिव्य कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे, जिसे लेकर संगीत प्रेमियों में खास उत्सुकता है।

महाकाल लोक

अभ्युदय मध्यप्रदेश और स्वाभिमान पर्व–2026 के अंतर्गत आयोजित यह महाकाल महोत्सव संस्कृति विभाग मध्यप्रदेश शासन, वीर भारत न्यास और महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न होगा। आयोजन का उद्देश्य आध्यात्मिक चेतना के साथ प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को मंच प्रदान करना है।

वीर भारत न्यास के सचिव राम तिवारी के अनुसार, महोत्सव का शुभारंभ 14 जनवरी की शाम 7 बजे महाकाल महालोक में होगा। उद्घाटन अवसर पर धर्मेंद्र सिंह लोधी, गौतम टेटवाल, सांसद अनिल फिरोजिया, राज्यसभा सांसद बालयोगी उमेशनाथ महाराज, महापौर मुकेश टटवाल और नगर निगम अध्यक्ष कलावती यादव भी मौजूद रहेंगे।

विशेष प्रस्तुतियां

महोत्सव के दौरान रोजाना शाम 4 से 6 बजे तक त्रिवेणी संग्रहालय परिसर में जनजातीय और लोक नृत्यों की श्रृंखला प्रस्तुत की जाएगी। इसमें भारिया जनजाति का भड़म नृत्य, गोंड जनजाति का ठाठ्या नृत्य, काठी नृत्य, भील जनजाति का भगोरिया नृत्य सहित कई पारंपरिक प्रस्तुतियां शामिल होंगी। विभिन्न जिलों से आए कलाकार अपनी सांस्कृतिक विरासत का प्रदर्शन करेंगे।

अभ्युदय मध्यप्रदेश के संदेश को आम लोगों तक पहुंचाने के लिए ‘कला यात्रा’ का आयोजन भी किया जाएगा। इसमें भाव शैली में शिव बारात की प्रस्तुति दी जाएगी। यह यात्रा 14 जनवरी को दोपहर 4 बजे देवास गेट बस स्टैंड से शुरू होकर मालिपुरा, फव्वारा चौक, इंदौर गेट होते हुए महाकाल लोक पहुंचेगी।

पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

महाकाल महोत्सव से उज्जैन के धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद है। श्रद्धालुओं के साथ-साथ कला और संगीत प्रेमियों के लिए यह आयोजन खास अनुभव लेकर आएगा।

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