उज्जैन के चक्रतीर्थ श्मशान घाट में अब पहले जैसा अव्यवस्थित और जर्जर माहौल नहीं दिखेगा। यहां सौंदर्यकरण और विकास कार्य पूरे हो चुके हैं, जिसके बाद यह स्थान पूरी तरह नए स्वरूप में सामने आया है। नगर निगम ने अंतिम संस्कार जैसे संवेदनशील अवसर को ध्यान में रखते हुए यहां सुविधाओं और गरिमा दोनों पर विशेष फोकस किया है। चक्रतीर्थ की सबसे बड़ी पहचान अब यहां लगाया गया आधुनिक टेंसाइल फैब्रिक शेड है। यह शेड बिल्कुल एयरपोर्ट के डोम की तरह डिजाइन किया गया है, जो न सिर्फ देखने में आकर्षक है बल्कि व्यावहारिक रूप से भी बेहद उपयोगी साबित होगा। करीब 80 मीटर लंबा यह शेड पूरे क्षेत्र को कवर करता है और लोगों को मौसम की मार से बचाता है।
नगर निगम ने इस प्रोजेक्ट पर एक करोड़ रुपए से अधिक खर्च किए हैं। महापौर मद से 76 लाख रुपए की राशि टेंसाइल फैब्रिक डोम शेड पर खर्च की गई, जबकि निगम मद से 25 लाख रुपए अन्य विकास कार्यों में लगाए गए। अधिकारियों का कहना है कि यह खर्च केवल निर्माण पर नहीं, बल्कि सुविधा और सम्मानजनक माहौल तैयार करने पर किया गया है।
उज्जैन: आई नई व्यवस्था
दाह संस्कार स्थल पर लगे पुराने और खराब पतरे लंबे समय से परेशानी का कारण बने हुए थे। इन्हें पूरी तरह हटाकर नए शेड लगाए गए हैं। इसके साथ ही बैठने की पर्याप्त और सुव्यवस्थित व्यवस्था की गई है, ताकि परिजनों को कठिन समय में असुविधा न हो। सौंदर्यकरण केवल शेड तक सीमित नहीं रहा। परिसर में रंगाई-पुताई कराई गई, नए टॉयलेट बनाए गए और उनके रखरखाव की व्यवस्था की गई। ओटलों का निर्माण, उनकी पेंटिंग और स्पष्ट मार्किंग भी की गई है, जिससे पूरे परिसर में व्यवस्था और साफ-सफाई नजर आती है।
मजबूती और सुरक्षा पर खास ध्यान
महापौर मुकेश टटवाल ने बताया कि इस ढांचे को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए विशेष तकनीकी उपाय किए गए हैं। शेड के पाइप लगाने के लिए करीब 6 फीट गहरे गड्ढे खोदे गए हैं, जिससे पूरी संरचना मजबूत बनी रहे और तेज हवा या बारिश में भी कोई खतरा न हो। यह पूरा विकास कार्य कार्यपालन यंत्री पी.सी. यादव, सहायक यंत्री डी.एस. परिहार और उपयंत्री प्रवीण वाडिया की सतत निगरानी में कराया गया। नगर निगम का दावा है कि गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया गया है।
