उज्जैन में शुक्रवार से कड़ाके की ठंड ने मौसम प्रेमियों और आम नागरिकों को हैरान कर दिया। शनिवार सुबह से ही शहर पर हल्की कोहरे की चादर छाई रही, जिससे दिनभर ठंडी हवाओं का असर महसूस किया गया। जेट स्ट्रीम हवाओं के सक्रिय होने से ठंड में अचानक बढ़ोतरी दर्ज की गई और लोग गर्म कपड़ों में लिपटे नजर आए। अक्टूबर से शुरू हुए सर्दी के मौसम में यह पहला मौका है जब दिन के वक्त भी ठंडी हवाओं और कोहरे का असर इतना स्पष्ट दिखा। आमतौर पर कोहरा केवल अलसुबह या देर रात तक ही सीमित रहता था, लेकिन शुक्रवार को दिन चढ़ने के बाद भी हल्का कोहरा बना रहा। इससे दृश्यता प्रभावित हुई और शहरवासियों ने अधिक ठंड का अनुभव किया।
मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ और अरब सागर से आई नमी ने बादलों की स्थिति बनाई है। उत्तर भारत में सक्रिय उपोष्ण पश्चिमी जेट स्ट्रीम हवाओं के प्रभाव से मैदानी इलाकों में ठंड का असर और बढ़ गया है। इन हवाओं के चलते उज्जैन और आसपास के क्षेत्रों में ठंडी हवा लगातार बह रही है।
तापमान और आर्द्रता का हाल
जीवाजी वेधशाला के आंकड़ों के अनुसार, गुरुवार-शुक्रवार की रात न्यूनतम तापमान 14.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जबकि शुक्रवार को अधिकतम तापमान 22.5 डिग्री सेल्सियस रहा। सुबह आर्द्रता का स्तर 89 प्रतिशत और शाम को 81 प्रतिशत रिकॉर्ड किया गया। शनिवार को न्यूनतम तापमान और गिरकर 13.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। सुबह हवा लगभग स्थिर रही और शाम के समय 6 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चली।
मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो से तीन दिनों तक मौसम इसी तरह बना रह सकता है। जेट स्ट्रीम हवाओं के प्रभाव से सर्द हवाएं अपना असर दिखाती रहेंगी। शहर और आसपास के इलाकों में कहीं हल्का तो कहीं मध्यम कोहरा छाए रहने के संकेत हैं, जिससे ठंड का असर और बढ़ सकता है।
नागरिकों के लिए सावधानी
ठंडी हवाओं और कोहरे के चलते नागरिकों को यात्रा के दौरान सावधानी बरतने की जरूरत है। सुबह और शाम के समय ठंड अधिक तेज रहती है, इसलिए लोगों को गर्म कपड़े पहनकर घर से बाहर निकलने की सलाह दी गई है। मौसम विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि धूप कम होने और कोहरे के प्रभाव से वाहन चालकों को दृश्यता कम होने की वजह से सावधानी बरतनी होगी।
