मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दो वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में रविवार, 25 जनवरी को उज्जैन के विद्या भारती भवन, चिंतामन रोड पर निःशुल्क हृदय जांच शिविर अभियान का शुभारंभ किया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्वयं उपस्थित रहेंगे और अभियान को औपचारिक रूप से शुरू करेंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव शिविर में स्वास्थ्य क्षेत्र में योगदान देने वाले कार्यकर्ताओं को आवश्यक सामग्री वितरित करेंगे। साथ ही अभियान में सहयोग करने वाले अस्पताल प्रबंधकों और संचालकों का सम्मान भी किया जाएगा। यह पहल जिले में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने और लोगों को निःशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
उज्जैन में हृदय जांच शिविर
इस मौके पर पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. सत्यनारायण जटिया, विधायक अनिल जैन कालूहेडा, विधायक सतीश मालवीय, विधायक जितेंद्र पंड्या, विधायक डॉ. तेज बहादुर सिंह चौहान, नगर निगम अध्यक्ष कलावती यादव, महापौर मुकेश टटवाल, पूर्व विधायक पारस जैन, पूर्व विधायक बहादुर सिंह चौहान और अन्य जनप्रतिनिधि तथा प्रशासनिक अधिकारी भी उपस्थित रहेंगे।
अभियान का उद्देश्य
हृदय जांच शिविर का मुख्य उद्देश्य जिले के नागरिकों को हृदय रोगों के प्रति जागरूक करना और समय पर जांच व इलाज की सुविधा प्रदान करना है। अभियान के दौरान नि:शुल्क हृदय परीक्षण, सलाह और आवश्यक उपचार से जुड़ी जानकारी आमजन को दी जाएगी। शिविर में आने वाले नागरिकों को स्वास्थ्य जांच के साथ-साथ जीवनशैली सुधार और हृदय स्वास्थ्य बनाए रखने की जानकारी भी दी जाएगी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रेरणादायी मन की बात कार्यक्रम का श्रवण किया।इसके पश्चात हामूखेड़ी स्थित शासकीय दृष्टि एवं श्रवण बाधितार्थ हायर सेकेंडरी विद्यालय में “हर क्षमता को उड़ान” कार्यक्रम में सहभागिता कर विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। pic.twitter.com/YtYdf5CCEE
— Collector Ujjain (@collectorUJN) January 25, 2026
अभियान के संयोजक सत्यानारायण खोइवाल ने बताया कि यह शिविर दो दिन तक चलेगा और जिले के प्रत्येक क्षेत्र से लोग इसका लाभ ले सकेंगे। उन्होंने कहा कि इस तरह के शिविर प्रदेश के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ आमजन में स्वास्थ्य-सुरक्षा की समझ भी बढ़ाएंगे।
सार्वजनिक सहभागिता
मुख्यमंत्री डॉ. यादव का यह हृदय जांच अभियान न केवल स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ बनाएगा, बल्कि जनता और प्रशासन के बीच सहभागिता और विश्वास को भी बढ़ावा देगा। शिविर में आने वाले सभी नागरिकों को यह अवसर मिलेगा कि वे स्वास्थ्य जांच के साथ-साथ राज्य सरकार की स्वास्थ्य योजनाओं के बारे में भी जान सकें।
