उज्जैन में घर के बाहर खेल रहे 4 वर्षीय प्रियांशु पर रविवार को स्ट्रीट डॉग ने हमला कर दिया। घटना आगर रोड स्थित जैथल क्षेत्र में हुई। बच्चे को घर के बाहर खेलते समय अचानक डॉग ने पकड़ लिया। गाल, नाक और गले पर गंभीर घाव होने के कारण प्रियांशु की चीख-पुकार सुनते ही उसके पिता और पड़ोसी दौड़े और बच्चे को डॉग के पंजों से छुड़ाया। घायल बच्चे को तुरंत चरक अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने देखा कि प्रियांशु के चेहरे और आंख पर गहरे जख्म थे। डॉक्टरों ने टांके लगाकर बच्चे का प्राथमिक उपचार किया और उसे गंभीर हालत में भर्ती किया गया। परिवार के अनुसार, यह हमला इतना तेज था कि बच्चे की सांस लेने में भी परेशानी हो रही थी।
उज्जैन में स्ट्रीट डॉग बाइट के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। पिछले कुछ महीनों में शहर के कई इलाकों में बच्चों और राहगीरों पर डॉग हमले की शिकायतें दर्ज हुई हैं। ऋषिनगर, महानंदा, मोहन नगर, वसंत विहार कॉलोनी, आजाद नगर और संत नगर जैसे क्षेत्रों में रोजाना डॉग हमले हो रहे हैं।
उज्जैन नगर निगम की निष्क्रियता
कोर्ट के आदेश के बाद नगर निगम ने स्ट्रीट डॉग पर नियंत्रण के लिए टीम बनाई थी, लेकिन अभी तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। नागरिकों का कहना है कि डॉग अक्सर दिन और रात दोनों समय खुले में घूमते हैं और कई बार बच्चों के साथ-साथ वृद्ध लोग भी इनके हमले का शिकार हो चुके हैं। प्रियांशु के माता-पिता ने नगर निगम और पुलिस प्रशासन से अपील की है कि शहर में स्ट्रीट डॉगों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि केवल सतर्कता ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि डॉग पकड़ने और उन्हें सुरक्षित स्थान पर रखने की योजना तुरंत लागू होनी चाहिए।
विशेषज्ञों की चेतावनी
पेट विशेषज्ञ और बच्चों के डॉक्टरों का कहना है कि डॉग बाइट का समय पर इलाज न किया गया तो संक्रमण और गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। साथ ही, माता-पिता को बच्चों को घर के आसपास अकेले खेलने से रोकने और सुरक्षा के उपाय अपनाने की सलाह दी जाती है।
