महाकाल लोक और महाकाल महाराज के दर्शन के लिए हर दिन उमड़ने वाली लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव की घोषणा के बाद महाकाल मंदिर के लिए होमगार्ड की चार विशेष कंपनियों के गठन को मंजूरी दे दी गई है। इस निर्णय का मकसद मंदिर परिसर में सुरक्षा को मजबूत करना, भीड़ प्रबंधन को बेहतर बनाना और श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन का अनुभव देना है।
होमगार्ड मुख्यालय भोपाल की ओर से भर्ती के लिए आधिकारिक प्रस्ताव गृह विभाग को भेजा जा चुका है। इन पदों पर भर्ती राज्य स्तर पर कर्मचारी चयन मंडल (ESB) के माध्यम से की जाएगी। गृह विभाग जल्द ही ESB को विज्ञापन जारी करने के निर्देश देगा, जिससे आवेदन प्रक्रिया शुरू हो सकेगी। कुल 488 पदों पर भर्ती प्रस्तावित है, जिन्हें चार कंपनियों में बांटा जाएगा। प्रत्येक कंपनी में 122 जवानों की तैनाती होगी।
महाकाल मंदिर
इस विशेष होमगार्ड कैडर की सबसे अहम खासियत यह है कि इसमें भर्ती होने वाले जवानों का ट्रांसफर किसी अन्य स्थान पर नहीं किया जाएगा। ये जवान कॉल ऑफ और कॉल ऑन जैसी सामान्य ड्यूटी से मुक्त रहेंगे और अपने पूरे सेवाकाल के दौरान केवल महाकाल मंदिर, मुख्य परिसर और महाकाल लोक में ही सेवाएं देंगे। इससे वे मंदिर की भौगोलिक संरचना, श्रद्धालुओं की आवाजाही और सुरक्षा व्यवस्था में विशेषज्ञता हासिल कर सकेंगे।
लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंच रहे उज्जैन
महाकाल लोक के निर्माण के बाद उज्जैन आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वर्तमान में प्रतिदिन औसतन एक लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। त्योहारों, श्रावण मास और विशेष पर्वों पर यह संख्या कई गुना बढ़ जाती है। ऐसे में एक समर्पित और प्रशिक्षित सुरक्षा बल की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी।
भीड़ प्रबंधन पर फोकस
नई भर्ती के तहत चयनित जवानों को नियुक्ति से पहले बेसिक ट्रेनिंग के साथ-साथ भीड़ प्रबंधन, श्रद्धालु सहायता और आपात स्थिति से निपटने का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि दर्शन के दौरान किसी भी तरह की अव्यवस्था या दुर्घटना से बचा जा सके और श्रद्धालुओं को सुरक्षित वातावरण मिल सके।
वर्तमान में महाकाल मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था निजी एजेंसियों के हवाले है, लेकिन नई व्यवस्था लागू होने के बाद निजी सुरक्षा व्यवस्था को चरणबद्ध तरीके से समाप्त किया जाएगा। इन होमगार्ड जवानों का वेतन महाकाल मंदिर ट्रस्ट द्वारा दिया जाएगा और तीन शिफ्टों में ड्यूटी लगाई जाएगी, ताकि चौबीसों घंटे सुरक्षा और सहायता सुनिश्चित की जा सके।
