उज्जैन में बुधवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब आर्थिक अपराध अनुसंधान (EOW) के पुलिस अधीक्षक समर वर्मा के सरकारी आवास परिसर में एक युवती अचानक घुस गई। किसी को भनक तक नहीं लगी और युवती सीधे परिसर में खड़ी एक कार तक पहुंच गई। कुछ ही देर बाद उसने खुद को कार के अंदर से लॉक कर लिया, जिससे वहां मौजूद स्टाफ में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
घटना का खुलासा तब हुआ, जब युवती ने अचानक कार का हॉर्न बजाना शुरू कर दिया। लगातार हॉर्न की आवाज सुनकर स्टाफ बाहर आया। जब उन्होंने कार के अंदर झांककर देखा तो पाया कि एक युवती अंदर बैठी है और उसने दरवाजे अंदर से लॉक कर रखे हैं। यह नजारा देखकर स्टाफ के हाथ-पांव फूल गए और तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी दी गई।
उज्जैन में पूछताछ में रही मौन
काफी मशक्कत के बाद युवती को कार से बाहर निकाला गया। शुरुआती पूछताछ में वह काफी देर तक चुप रही और किसी भी सवाल का सीधा जवाब नहीं दे रही थी। कुछ समय बाद उसने बयान देना शुरू किया, लेकिन बार-बार अपनी बातें बदलती रही। उसके असंगत जवाबों के चलते मामला और संदिग्ध हो गया, जिसके बाद पूरे प्रकरण की सूचना तत्काल माधव नगर पुलिस को दी गई।
सूचना मिलते ही माधव नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और युवती को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने उसे थाने ले जाकर पूछताछ शुरू की। प्रारंभिक जांच में युवती की पहचान और उसके सरकारी आवास परिसर में पहुंचने के कारणों को लेकर कई सवाल सामने आए हैं, जिनके जवाब पुलिस तलाश रही है।
सुरक्षा व्यवस्था पर भी उठे सवाल
इस घटना के बाद सरकारी आवासों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं। बिना किसी अनुमति के युवती का परिसर में प्रवेश करना और कार तक पहुंच जाना सुरक्षा में बड़ी चूक मानी जा रही है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि युवती परिसर में कैसे दाखिल हुई और कहीं किसी की लापरवाही तो इसकी वजह नहीं बनी।
जांच जारी
माधव नगर थाना प्रभारी राकेश भारती ने बताया कि युवती के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की गई है। साथ ही पूरे मामले की गहन जांच जारी है। युवती के इरादों, मानसिक स्थिति और किसी संभावित साजिश के पहलू को ध्यान में रखते हुए हर बिंदु पर जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी।
