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सावधान! ऑनलाइन ठगी का नया जाल, नकली FASTag एनुअल पास बेचकर लोगों को चूना लगा रहीं फर्जी वेबसाइटें

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Published On: 9 January 2026

FASTag : नेशनल हाईवे पर सफर करने वालों के लिए एक अहम चेतावनी सामने आई है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने सोशल मीडिया के जरिए यात्रियों को सतर्क किया है कि इन दिनों कई फर्जी वेबसाइटें और अनधिकृत लिंक FASTag के नाम पर लोगों को गुमराह कर रहे हैं। खास तौर पर नकली FASTag एनुअल पास बेचने का झांसा देकर ठगी की जा रही है।NHAI के अनुसार, कुछ वेबसाइटें खुद को अधिकृत प्लेटफॉर्म बताकर FASTag एनुअल पास की आकर्षक पेशकश कर रही हैं। कम कीमत, आसान प्रक्रिया और तुरंत एक्टिवेशन जैसे दावे करके लोगों को लुभाया जा रहा है। जबकि सच्चाई यह है कि ऐसे किसी भी पास की बिक्री अधिकृत चैनल के अलावा कहीं और से नहीं की जा रही है।

प्राधिकरण ने साफ शब्दों में कहा है कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करना या वहां अपनी व्यक्तिगत जानकारी दर्ज करना गंभीर खतरे को न्योता दे सकता है। वाहन नंबर, FASTag आईडी, मोबाइल नंबर या बैंक से जुड़ी जानकारी साझा करने पर वित्तीय धोखाधड़ी होने की आशंका बढ़ जाती है। कई मामलों में लोगों के खातों से पैसे भी गायब हो चुके हैं।

केवल HighwayYatra ऐप से ही खरीदें पास

NHAI ने यात्रियों को स्पष्ट सलाह दी है कि FASTag या उससे जुड़े किसी भी एनुअल पास की खरीद केवल आधिकारिक HighwayYatra (राजमार्ग यात्रा) ऐप के माध्यम से ही करें। यही एक मान्य और सुरक्षित प्लेटफॉर्म है, जहां से लेनदेन पूरी तरह सुरक्षित माना जाता है। इसके अलावा किसी भी वेबसाइट या सोशल मीडिया विज्ञापन पर भरोसा न करें। डिजिटल भुगतान और ऑनलाइन सुविधाओं के बढ़ने के साथ ही ठगी के तरीके भी बदलते जा रहे हैं। ठग अब सरकारी योजनाओं और सेवाओं का नाम इस्तेमाल कर लोगों को निशाना बना रहे हैं। FASTag जैसी रोजमर्रा की जरूरत से जुड़ी सुविधा को हथियार बनाकर साइबर अपराधी आसानी से लोगों को फंसा रहे हैं।

यात्रियों से अपील

NHAI ने सभी वाहन चालकों और हाईवे यात्रियों से अपील की है कि वे सतर्क रहें और किसी भी लालच में न आएं। अगर किसी वेबसाइट या लिंक को लेकर संदेह हो तो उसकी सूचना तुरंत संबंधित विभाग या साइबर क्राइम हेल्पलाइन को दें। जागरूकता ही इस तरह की ठगी से बचाव का सबसे बड़ा हथियार है। हाईवे पर सुरक्षित यात्रा सिर्फ सड़क नियमों से ही नहीं, बल्कि डिजिटल सतर्कता से भी जुड़ी है। FASTag जैसी सुविधाओं का लाभ तभी सुरक्षित है, जब यात्री सही जानकारी और अधिकृत प्लेटफॉर्म का ही उपयोग करें। थोड़ी सी लापरवाही बड़ी आर्थिक परेशानी में बदल सकती है।

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