उत्तराखंड में लगातार बारिश और भूस्खलन के चलते पिछले 5 दिनों से ठप पड़ी चारधाम यात्रा आज से दोबारा शुरू हो गई है। फिलहाल, श्रद्धालुओं के लिए केवल बद्रीनाथ धाम और केदारनाथ मंदिर के लिए यात्रा की अनुमति दी गई है। गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडेय ने जानकारी दी कि मौसम में सुधार होने के बाद प्रशासन ने यात्रा को फिर से शुरू करने का निर्णय लिया है।
उत्तराखंड में लगातार बारिश और भूस्खलन की वजह से पिछले पाँच दिनों से बाधित चारधाम यात्रा को आज से फिर से शुरू कर दिया गया है। प्रशासन ने फिलहाल केवल बद्रीनाथ धाम और केदारनाथ मंदिर के लिए यात्रा को खोला है, जबकि अन्य मार्गों को मौसम की स्थिति और सुरक्षा को देखते हुए अभी बंद रखा गया है।
यात्रा हुई शुरू
उत्तराखंड में लगातार बारिश और भूस्खलन के कारण चारधाम यात्रा को 1 सितंबर से 5 सितंबर तक के लिए रोक दिया गया था। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए सरकार ने यह कदम उठाया था। अब मौसम में सुधार होने के बाद प्रशासन ने बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम के लिए यात्रा को पुनः शुरू करने का निर्णय लिया है।
गंगोत्री-यमुनोत्री यात्रा स्थगित
लगातार बारिश की वजह से गंगोत्री और यमुनोत्री धाम की यात्रा फिलहाल अभी शुरू नहीं हो पाई है। जहां एक ओर बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम के लिए रास्ता खोल दिया गया है, वहीं दूसरी ओर गंगोत्री और यमुनोत्री मार्ग पर सड़कों को भारी नुकसान पहुँचा है। उत्तरकाशी के जिला मजिस्ट्रेट प्रशांत आर्य ने बताया कि गंगोत्री यात्रा शुरू करने पर आज समीक्षा के बाद फैसला लिया जाएगा, जबकि यमुनोत्री धाम के मार्ग पर अभी भी कई कठिनाइयाँ बनी हुई हैं।
उत्तराखंड में जनजीवन अस्त-व्यस्त
उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। जगह-जगह भूस्खलन की घटनाओं से हालात और बिगड़ गए हैं। आलमोड़ा–हल्द्वानी हाईवे पर पांच दिनों से मलबा और बोल्डर जमा होने के कारण यातायात पूरी तरह ठप है, जिससे कई क्षेत्रों से आवाजाही बाधित हो रही है।
हर्षिल के पास टेलगाड नाले में मलबा जमा होने से झील बन गई है, जिससे अचानक जलस्तर बढ़ने का खतरा बना हुआ है। फिलहाल, स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है। वहीं ऋषिकेश से चमोली तक भी लगातार बारिश से लोगों का सामान्य जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
