दिल्ली-एनसीआर में ठंड के साथ बढ़ते वायु प्रदूषण ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। सुबह घर से निकलते ही आंखों में जलन, गले में खराश और सांस लेने में दिक्कत जैसी समस्याएं आम हो गई हैं। सुबह राजधानी के लगभग सभी इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 300 के पार दर्ज किया गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। गंभीर हालात को देखते हुए दिल्ली सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए ऐलान किया है कि कल से दिल्ली के सभी सरकारी और निजी संस्थानों में 50 प्रतिशत कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम अनिवार्य रहेगा। सरकार ने साफ किया है कि इस आदेश का पालन न करने पर संबंधित संस्थानों पर जुर्माना लगाया जाएगा।
दिल्ली-एनसीआर में सर्दी की दस्तक के साथ ही वायु प्रदूषण ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। सुबह के समय घर से बाहर निकलते ही लोगों को आंखों में जलन, गले में खराश और सांस लेने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। धुंध और स्मॉग की चादर से पूरा इलाका ढका नजर आ रहा है, जिससे खासकर बच्चों, बुजुर्गों और सांस की बीमारी से पीड़ित लोगों की सेहत पर बुरा असर पड़ रहा है।
दिल्ली की हवा बनी जहरीली
दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण लगातार गंभीर बना हुआ है। बिगड़ती हवा को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने ग्रैप-4 लागू कर दिया है, इसके बावजूद राजधानी की हवा में खास सुधार नहीं दिख रहा है। बुधवार सुबह कई इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 300 के पार दर्ज किया गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। बवाना, मुंडका, रोहिणी, जहांगीरपुरी, वजीरपुर, द्वारका, आईटीओ, नेहरू नगर, विवेक विहार, सिरिफोर्ट और सोनिया विहार सहित कुल 26 इलाके रेड जोन में दर्ज किए गए हैं। प्रदूषण के कारण लोगों को आंखों में जलन, गले में खराश और सांस लेने में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है, वहीं विशेषज्ञों का कहना है कि मौसम में बड़े बदलाव या तेज हवा के बिना फिलहाल राहत की उम्मीद कम है।
GRAP-4 लागू
बिगड़ती वायु गुणवत्ता को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने पूरे एनसीआर में ग्रैप (GRAP) का चौथा चरण यानी स्टेज-IV लागू कर दिया है। इसके तहत दिल्ली में सभी प्रकार के निर्माण कार्यों पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। सड़क, फ्लाईओवर, इमारतों और अन्य विकास परियोजनाओं से जुड़े कंस्ट्रक्शन वर्क फिलहाल बंद रहेंगे, ताकि प्रदूषण के स्तर को नियंत्रित किया जा सके और लोगों को जहरीली हवा से कुछ राहत मिल सके।
26 इलाके रेड जोन
दिल्ली में वायु प्रदूषण की स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है, जहां बवाना, मुंडका, रोहिणी, जहांगीरपुरी, वजीरपुर, द्वारका, आईटीओ, नेहरू नगर, विवेक विहार, सिरिफोर्ट और सोनिया विहार समेत कुल 26 इलाके रेड जोन में दर्ज किए गए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक तेज हवा नहीं चलती या मौसम में कोई बड़ा बदलाव नहीं होता, तब तक प्रदूषण से राहत मिलने की संभावना बेहद कम है।
वाहनों पर लगी सख्त पाबंदियां
- दिल्ली में वायु प्रदूषण को देखते हुए आज का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) बेहद खराब श्रेणी में बना हुआ है।
- हालात को काबू में करने के लिए राजधानी में वाहनों को लेकर सख्त पाबंदियां लागू की गई हैं,
- CNG और इलेक्ट्रिक ट्रकों को छोड़कर अन्य सभी ट्रकों की एंट्री पर रोक है।
- दूसरे राज्यों से आने वाले ट्रक, हल्के कमर्शियल वाहन और गैर-जरूरी सेवाओं से जुड़े वाहनों को भी दिल्ली में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा रही है।
- डॉक्टरों ने लोगों को बिना जरूरत घर से बाहर न निकलने, मास्क पहनने और प्रदूषण से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी है।
- मौसम में बड़े बदलाव या तेज हवा की कमी के चलते फिलहाल दिल्ली की हवा में सुधार की उम्मीद कम नजर आ रही है।
