दिल्ली में बिगड़ती वायु गुणवत्ता को देखते हुए सरकार ने बड़ा और सख्त फैसला लिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की सरकार ने राजधानी में कोयले और लकड़ी से चलने वाले सभी तंदूरों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। यह आदेश होटल, ढाबा, रेस्टोरेंट और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों पर तत्काल प्रभाव से लागू होगा। सरकार का मानना है कि ऐसे तंदूर वायु प्रदूषण बढ़ाने में अहम भूमिका निभाते हैं।
सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी प्रतिष्ठान अब इलेक्ट्रिक या गैस आधारित तंदूरों का ही उपयोग करेंगे। जिन जगहों पर पुराने तंदूर चल रहे हैं, उन्हें तुरंत हटाकर वैकल्पिक व्यवस्था करनी होगी। प्रशासन का कहना है कि यह कदम प्रदूषण के स्थानीय स्रोतों को नियंत्रित करने की दिशा में जरूरी है।
नियम तोड़ने पर लगेगा जुर्माना
आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। यदि कोई प्रतिष्ठान कोयला या लकड़ी से चलने वाले तंदूर का उपयोग करता पाया गया, तो उस पर 5 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके अलावा खुले में कूड़ा या अपशिष्ट जलाने पर भी यही दंड लागू होगा।
AQI सुधार सरकार की प्राथमिकता
दिल्ली सरकार का कहना है कि सर्दियों के मौसम में AQI अक्सर खतरनाक स्तर पर पहुंच जाता है, जिससे बच्चों, बुजुर्गों और सांस के मरीजों को सबसे ज्यादा नुकसान होता है। तंदूरों से निकलने वाला धुआं स्थानीय स्तर पर प्रदूषण को और गंभीर बना देता है। इसी को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है। तंदूर प्रतिबंध के फैसले पर कारोबारियों की प्रतिक्रिया अलग-अलग सामने आ रही है। कुछ रेस्टोरेंट संचालकों का कहना है कि गैस और इलेक्ट्रिक तंदूर की लागत ज्यादा है, जिससे खर्च बढ़ेगा। वहीं कई लोगों ने इसे जरूरी कदम बताते हुए कहा कि पर्यावरण और स्वास्थ्य के लिए ऐसे बदलाव जरूरी हैं।
निगरानी के लिए टीमें तैनात
सरकार ने आदेश के पालन को सुनिश्चित करने के लिए नगर निगम और प्रदूषण नियंत्रण विभाग की संयुक्त टीमें तैनात करने के निर्देश दिए हैं। ये टीमें विभिन्न इलाकों में जाकर निरीक्षण करेंगी और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर मौके पर ही कार्रवाई करेंगी। दिल्ली सरकार ने आम नागरिकों से भी सहयोग की अपील की है। लोगों से कहा गया है कि वे खुले में कचरा न जलाएं, स्वच्छ ईंधन का उपयोग करें और प्रदूषण कम करने के प्रयासों में भागीदार बनें। सरकार का कहना है कि प्रशासनिक कदम तभी सफल होंगे, जब जनता भी जिम्मेदारी निभाएगी।
सरकार ने संकेत दिए हैं कि यदि AQI में सुधार नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में और सख्त फैसले लिए जा सकते हैं। तंदूरों पर प्रतिबंध को वायु प्रदूषण से निपटने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
