नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने इंडिगो संकट मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए चार फ्लाइट ऑपरेशन्स इंस्पेक्टरों (FOI) को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया है। 11 दिसंबर को जारी आदेश में डीजीसीए ने स्पष्ट किया कि इन अधिकारियों को तुरंत सेवा से मुक्त किया जा रहा है और उन्हें अपने मूल संगठनों में वापस भेजा जाएगा। जिन अधिकारियों पर यह कार्रवाई हुई है, उनमें कंसल्टेंट (Deputy Chief FOI) ऋषिराज चटर्जी, सीनियर FOI सीमा झमनानी, कंसल्टेंट (FOI) अनिल कुमार पोखरियाल और कंसल्टेंट (FOI) प्रियम कौशिक शामिल हैं।
नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने इंडिगो संकट मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए चार फ्लाइट ऑपरेशन्स इंस्पेक्टरों (FOI) को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया है। 11 दिसंबर को जारी आदेश में डीजीसीए ने स्पष्ट किया कि इन अधिकारियों को सेवा से मुक्त कर उनके मूल संगठनों में वापस भेजा जा रहा है।
4 अधिकारी हुए सस्पेंड
नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने इंडिगो संकट मामले में सख्त रुख अपनाते हुए बड़ा कदम उठाया है। इंडिगो की लगातार उड़ानें रद्द होने और परिचालन व्यवस्था में खामियों की जांच के बाद DGCA ने चार फ्लाइट ऑपरेशन्स इंस्पेक्टर (FOI) को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। आदेश में कहा गया कि ये अधिकारी अपनी ड्यूटी में गंभीर लापरवाही के दोषी पाए गए, जिसके कारण इंडिगो का संकट और बढ़ा। कार्रवाई के बाद इन अधिकारियों को उनके मूल संगठनों में वापस भेज दिया गया है।
बड़े पैमाने पर उड़ानें रद्द
दिसंबर के पहले सप्ताह में इंडिगो की उड़ानें बड़े पैमाने पर रद्द होने से यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। हजारों उड़ानें रद्द होने का असर अब तक दिखाई दे रहा है, क्योंकि सरकार द्वारा दूरी के आधार पर अधिकतम किराया तय किए जाने के बावजूद टिकटों के दाम लगातार आसमान छू रहे हैं। स्थिति 05 दिसंबर को सबसे बदतर रही, जब इंडिगो की 1,500 से अधिक उड़ानें रद्द करनी पड़ीं, जिससे देशभर में हवाई सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुईं।
सरकार ने उठाए कदम
सरकार ने इंडिगो उड़ान संकट की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच के लिए चार सदस्यीय समिति गठित की है। साथ ही स्थिति को नियंत्रित करने और संचालन को सुव्यवस्थित करने के उद्देश्य से इंडिगो को अपने विंटर शेड्यूल में तय उड़ानों की संख्या में 10 प्रतिशत की कटौती करने का आदेश भी दिया गया है।
