हिमाचल में भारी बारिश और भूस्खलन ने मचाई तबाही, हजारों श्रद्धालु फंसे; इंटरनेट और मोबाइल सेवाएं ठप

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Published On: 30 August 2025

नई दिल्ली | हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में लगातार हो रही भारी बारिश ने भारी तबाही मचा दी है। जगह-जगह भूस्खलन होने से कई गांव पूरी तरह मिट गए हैं और सैकड़ों घर क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे कई लोग बेघर हो गए हैं। इस आपदा के बीच पवित्र मणिमहेश यात्रा पर गए कई श्रद्धालु भी फंस गए हैं। हादसों में कुछ लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अभी तक लापता बताए जा रहे हैं। उनके परिजन उनकी सुरक्षित वापसी की उम्मीद में चिंतित इंतजार कर रहे हैं।

हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में भारी बारिश ने भीषण तबाही मचा दी है। लगातार हो रही बारिश के चलते कई जगह भूस्खलन हुआ, जिससे कई गांव पूरी तरह से मिट गए हैं। इस आपदा में कई घर ढह गए और लोगों का सबकुछ बर्बाद हो गया है।

इंटरनेट सेवाएं ठप

हिमाचल प्रदेश में जारी भारी बारिश और भूस्खलन के कारण मणिमहेश यात्रा पर गए हजारों यात्री पिछले एक सप्ताह से अधिक समय से अपने परिवारों से संपर्क नहीं कर पा रहे हैं। जिले में इंटरनेट और मोबाइल सेवाएं पूरी तरह से ठप होने से हालात और भी गंभीर हो गए हैं, जिसके चलते पंजाब सहित कई राज्यों के लोग अपने लापता परिजनों की तलाश में जुटे हैं। भूस्खलन से मणिमहेश से चंबा तक का राष्ट्रीय राजमार्ग कई जगहों पर टूट गया है, जिससे शिव भक्त रास्ते में फंसे हुए हैं। प्रशासन और सरकार लगातार राहत एवं बचाव कार्य में जुटी है।

मणिमहेश यात्रा में फंसे यात्री

हिमाचल प्रदेश में बारिश और भूस्खलन से मणिमहेश यात्रा पर निकले यात्री बुरी तरह फंसे हुए हैं। इनमें महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल हैं, जिन्हें कहीं वाहनों से तो कहीं पैदल ही खतरनाक रास्तों से गुजरना पड़ रहा है। हालात इतने गंभीर हैं कि कई यात्रियों के पास पैसे खत्म हो गए हैं और उन्हें अपने वाहन रास्ते में ही छोड़कर पैदल वापस लौटना पड़ रहा है। हिमाचल प्रदेश के जांघी क्षेत्र में फंसे यात्रियों के लिए स्थानीय लोग देवदूत बनकर सामने आए। जब प्रशासन की ओर से मदद नहीं मिली, तो उन्होंने अपने घरों के दरवाजे सभी के लिए खोल दिए। हजारों यात्रियों को शरण देने के साथ-साथ खाने-पीने का इंतजाम भी किया गया।

प्रशासन ने लिया जायजा

हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने के लिए सरकार के प्रतिनिधि पहुंचे और राहत कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को फंसे हुए लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित निकालने और उनके खाने-पीने तथा ठहरने की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। प्रशासन ने विशेष बसों की व्यवस्था कर सैकड़ों यात्रियों को उनके गंतव्यों तक पहुंचाया, जबकि चंबा से बनीखेत तक कई स्थानों पर भंडारे लगाए गए ताकि यात्रियों को भोजन उपलब्ध कराया जा सके।

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