देश | सोशल मीडिया के दौर में परफेक्ट सेल्फी लेने का क्रेज अब खतरनाक रूप लेता जा रहा है। न्यूयॉर्क पोस्ट में प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत दुनिया का वह देश बन गया है जहां सेल्फी लेने के दौरान सबसे ज्यादा लोगों की मौत हुई है। यह खुलासा द बार्बर लॉ फर्म द्वारा किए गए एक वैश्विक अध्ययन के आधार पर हुआ है, जिसमें बताया गया है कि सेल्फी के जुनून ने कई लोगों की जिंदगी छीन ली है।
सोशल मीडिया पर परफेक्ट सेल्फी लेने की चाह अब लोगों की जान पर भारी पड़ रही है। एक ताज़ा अध्ययन में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि सेल्फी से सबसे ज्यादा मौतें भारत में होती हैं। यह रिपोर्ट न्यूयॉर्क पोस्ट में प्रकाशित हुई है।
सबसे खतरनाक 10 देश
एक वैश्विक अध्ययन में यह सामने आया है कि भारत के बाद सेल्फी से मौतों के मामले में अमेरिका दूसरे नंबर पर है, जहां अब तक 45 घटनाएं दर्ज हुईं और इनमें 37 लोगों की जान गई। तीसरे स्थान पर रूस है, जहां 19 हादसों में 18 लोग मारे गए। पाकिस्तान चौथे नंबर पर रहा, जहां 16 घटनाएं दर्ज हुईं, जबकि पांचवें स्थान पर ऑस्ट्रेलिया रहा, जहां 15 हादसे हुए। इसके अलावा इंडोनेशिया छठे (14 घटनाएं), केन्या सातवें, इंग्लैंड आठवें, स्पेन नौवें और ब्राजील दसवें स्थान पर रहे, जहां करीब 13-13 हादसों में लोग अपनी जान गंवा बैठे।
भारत सेल्फी मौतों में नंबर वन
मार्च 2014 से मई 2025 तक किए गए एक अध्ययन में यह सामने आया है कि भारत में सेल्फी से जुड़े हादसों की संख्या सबसे अधिक रही है। इस अवधि में देश में कुल 271 हादसे दर्ज किए गए, जिनमें से 214 लोगों की मौत हो गई, जबकि 57 लोग घायल हुए। यह आंकड़े इस बात की ओर इशारा करते हैं कि सेल्फी लेने का क्रेज कई बार लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है।
46% सेल्फी मौतें ऊंचाई से गिरने पर
रिपोर्ट के अनुसार, सेल्फी से जुड़ी सबसे ज्यादा मौतों का कारण ऊंचाई से गिरना है। कुल घटनाओं में से लगभग 46% मौतें ऐसी परिस्थितियों में हुईं, जब लोग छत, ऊंची इमारतों या खड़ी चट्टानों पर खड़े होकर सेल्फी ले रहे थे। विशेषज्ञों का कहना है कि इन हादसों के पीछे अक्सर सोशल मीडिया पर ‘वायरल’ होने और अलग दिखने की चाहत काम करती है, जो लोगों को खतरनाक जगहों पर जोखिम उठाने के लिए मजबूर कर देती है।
लाइक्स के लिए खतरे में न डालें जिंदगी
द बार्बर लॉ फर्म के संस्थापक क्रिस बार्बर ने कहा कि सोशल मीडिया पर लोकप्रिय होने की चाहत में लोग अपनी जान तक जोखिम में डाल रहे हैं, जो बेहद खतरनाक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका शोध यह दर्शाता है कि लाइक्स और वायरल होने की सनक जानलेवा साबित हो रही है। क्रिस बार्बर ने चेतावनी दी कि कोई भी फोटो या पोस्ट इंसान की जिंदगी से ज्यादा कीमती नहीं हो सकती, इसलिए लोगों को समझदारी से काम लेना चाहिए।
सेल्फी ट्रेंड बना मौत का जाल
सोशल मीडिया पर लोकप्रियता हासिल करने की होड़ ने लोगों की जिंदगी को जोखिम में डाल दिया है। इंस्टाग्राम और टिकटॉक जैसे प्लेटफॉर्म्स पर साहसिक और खतरनाक कंटेंट बनाने की प्रवृत्ति तेजी से बढ़ रही है। इसी चक्कर में लोग सुरक्षा को नजरअंदाज कर खतरनाक जगहों पर सेल्फी लेने या वीडियो बनाने लगते हैं, जो कई बार हादसों और मौतों का कारण बन जाता है।
