दिसंबर की शुरुआत देश के विमानन क्षेत्र के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण रही। IndiGo एक के बाद एक कई उड़ानें रद्द करती चली गई, जो यात्रियों की संख्या के लिहाज से देश की सबसे बड़ी एयरलाइन है। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि कई एयरपोर्ट पर यात्रियों की लंबी कतारें, भरे हुए वेटिंग लाउंज और जगह-जगह सूटकेस के ढेर दिखाई देने लगे। अचानक बढ़ी इस व्यापक अव्यवस्था ने लाखों यात्रियों की यात्रा योजनाओं को अस्त-व्यस्त कर दिया।
यात्रियों को घंटों करना पड़ा इंतजार
क्राइसिस के दौरान देश के विभिन्न एयरपोर्टों पर अराजक स्थिति बन गई थी। यात्रियों को न तो उड़ानों का समय मिल पा रहा था, न ही वैकल्पिक व्यवस्था। कई लोग घंटों तक एयरपोर्ट की कुर्सियों पर बैठे रहे, जबकि कुछ परिवारों को छोटे बच्चों और बुजुर्गों के साथ भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। सोशल मीडिया पर दर्जनों वीडियो और तस्वीरें सामने आईं, जिनमें दिख रहा था कि कैसे एयरपोर्टों पर बैगेज की लाइनें खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहीं।
IndiGo का मुआवजा एलान
अब जब स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है, इंडिगो ने उन यात्रियों के लिए बड़ा कदम उठाया है जो 3, 4 और 5 दिसंबर को फ्लाइट कैंसिलेशन की मार झेल रहे थे। कंपनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि इन तीन दिनों में कई कस्टमर घंटों तक एयरपोर्ट पर फंसे रहे और भीड़ की वजह से उन्हें भारी तनाव झेलना पड़ा। इसी को देखते हुए एयरलाइन ने घोषणा की कि ऐसे गंभीर रूप से प्रभावित यात्रियों को 10,000 रुपये का ट्रैवल वाउचर दिया जाएगा।
ये वाउचर अगले 12 महीनों तक इंडिगो की किसी भी घरेलू या अंतरराष्ट्रीय यात्रा में इस्तेमाल किए जा सकेंगे। एयरलाइन ने साफ किया कि यह राशि सरकारी दिशा-निर्देशों के तहत दिए जाने वाले मुआवजे से अलग होगी। नियमों के मुताबिक, 24 घंटे के भीतर कैंसिल हुई उड़ानों के लिए यात्रियों को 5,000 से 10,000 रुपये तक की भरपाई मिलती है।
रिफंड की प्रक्रिया भी शुरू
रिफंड का इंतजार कर रहे यात्रियों के लिए भी इंडिगो ने अपडेट जारी किया है। कंपनी ने बताया कि जिन उड़ानों को कैंसिल किया गया था, उनके सभी रिफंड प्रोसेस कर दिए गए हैं। अधिकांश यात्रियों के खाते में पैसे पहुंच चुके हैं और शेष रिफंड कुछ समय में जारी कर दिए जाएंगे। एयरलाइन ने दावा किया कि इस बार ऑपरेशन बाधित होने के बावजूद रिफंड प्रक्रिया में तेजी बरती गई है। इंडिगो का यह कदम यात्रियों की नाराजगी कम करने की दिशा में एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है। सवाल अभी भी बने हुए हैं कि आखिर इतनी बड़ी संख्या में फ्लाइट्स कैंसिल क्यों हुईं और भविष्य में ऐसी स्थिति से कैसे निपटा जाएगा। फिलहाल, यात्रियों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में एयरलाइन अपने संचालन को और स्थिर करेगी और दिसंबर के व्यस्त यातायात सीजन को सुचारू बनाए रखेगी।
