हिमाचल में कहर बनकर बरसा मानसून, अब तक 112 मौतें; 1200 करोड़ का नुकसान

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Published On: 19 July 2025

नेशनल | हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। राज्य के कई हिस्सों में भूस्खलन और जलभराव के चलते 250 से अधिक सड़कें बंद हो गई हैं। मौसम विभाग ने राज्य के विभिन्न इलाकों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) से प्राप्त जानकारी के अनुसार, मंडी जिला सबसे अधिक प्रभावित है, जहां 181 सड़कें बंद हैं। इसके अलावा, सिरमौर में 26 और कुल्लू में 23 सड़कें यातायात के लिए अवरुद्ध हैं। प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमें राहत और बचाव कार्यों में जुटी हैं। लोगों से अपील की जा रही है कि वे गैर-जरूरी यात्रा से बचें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।

हिमाचल प्रदेश इन दिनों भीषण मौसमीय परिस्थितियों का सामना कर रहा है। एक ओर ऊंचाई वाले क्षेत्रों में लगातार हो रही बर्फबारी से ठंडी हवाएं तेज हो गई हैं, वहीं दूसरी ओर बारिश और भूस्खलन ने सामान्य जनजीवन को बुरी तरह से प्रभावित किया है।

भारी बारिश का ‘ऑरेंज अलर्ट’

हिमाचल प्रदेश में मौसम विभाग ने 21 से 23 जुलाई तक भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी देते हुए ‘ऑरेंज’ अलर्ट जारी किया है। विशेष रूप से कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला और सिरमौर जिलों में तेज बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं, रविवार तक ‘येलो’ अलर्ट भी राज्य के कुछ हिस्सों में जारी रहेगा। मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि वे सतर्क रहें, अनावश्यक यात्रा से बचें, और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।

अब तक 112 मौतें

हिमाचल प्रदेश में इस साल मानसून ने भारी तबाही मचाई है। राज्य में 20 जून को मानसून के आगमन के बाद से 17 जुलाई तक कुल 112 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें 67 लोगों की मौत बारिश से संबंधित घटनाओं जैसे भूस्खलन, बादल फटने और मकान गिरने जैसी घटनाओं में हुई है, जबकि 45 लोग सड़क दुर्घटनाओं में जान गंवा चुके हैं। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) के अनुसार, 199 लोग घायल हुए हैं। 35 लोग अब भी लापता हैं।

मानसून से अब तक राज्य को लगभग 1200 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। जोगिंदरनगर में 40 मिमी, सराहन में 38 मिमी, जट्टन बैराज में 28.6 मिमी, कोठी में 28.4 मिमी, शिलारू में 26.4 मिमी, मुरारी देवी में 26 मिमी, और नारकंडा तथा जोत में 23-23 मिमी बारिश हुई। राज्य प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने और मौसम विभाग द्वारा जारी अलर्ट का पालन करने की अपील की है।

भूस्खलन की 19 घटनाएं

हिमाचल प्रदेश में इस मानसून सीजन में प्राकृतिक आपदाओं ने भारी तबाही मचाई है। मौसम विभाग के अनुसार, राज्य में अब तक 31 बार अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) की घटनाएं दर्ज की गईं। इसके अलावा, 22 बार बादल फटे और 19 भूस्खलन की घटनाएं सामने आईं। इन आपदाओं के चलते प्रदेश को अब तक 1,220 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हो चुका है। राज्य सरकार और आपदा प्रबंधन विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और राहत एवं बचाव कार्यों को लगातार तेज किया जा रहा है।

मौसम विभाग का अलर्ट

मौसम विभाग ने राज्य के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश और उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी की चेतावनी जारी की है। लोगों को गैर-ज़रूरी यात्रा से बचने और सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

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