संसद में इंडिगो संकट पर हुई जोरदार चर्चा, 827 करोड़ का रिफंड हुआ जारी; यात्रियों को मिली राहत

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Published On: 8 December 2025

देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो का संचालन पूरी तरह पटरी पर नहीं लौट आया है। हालिया उड़ान संकट के बीच एयरलाइन ने बताया कि वह अब तक यात्रियों को 827 करोड़ रुपये से अधिक का रिफंड जारी कर चुकी है, लेकिन समस्याएँ अभी जारी हैं। दिल्ली, श्रीनगर, हैदराबाद, बेंगलुरु और अहमदाबाद सहित प्रमुख हवाई अड्डों से 500 से ज्यादा उड़ानें रद्द करनी पड़ी हैं। इससे एक दिन पहले भी 650 से अधिक उड़ानें रद्द की गई थीं। कंपनी के अनुसार, उसकी कुल 2,300 दैनिक उड़ानों में से लगभग 1,650 उड़ानें संचालित की जा रही हैं। इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स ने भरोसा जताया है कि हालात धीरे-धीरे सुधर रहे हैं और 10 दिसंबर तक संचालन सामान्य होने की संभावना है।

फ्लाइट संचालन में चल रहे लगातार संकट के बीच इंडिगो एयरलाइन ने आधिकारिक बयान जारी कर बताया है कि कंपनी अब तक यात्रियों को 827 करोड़ रुपये का रिफंड दे चुकी है। एयरलाइन ने कहा कि वह उड़ानों के रद्द होने और देरी से परेशान हुए यात्रियों को तेजी से राशि लौटा रही है।

संसद में इंडिगो संकट पर चर्चा

संसद में इंडिगो संकट का मुद्दा जोरदार तरीके से गूंजा, जहां राज्यसभा में नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने बताया कि एयरलाइन की मौजूदा अव्यवस्था की असली वजह उसके क्रू रोस्टरिंग और आंतरिक प्लानिंग सिस्टम में गंभीर खामियां हैं, जिनके चलते यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि सरकार इस मामले को हल्के में नहीं लेगी और जांच के बाद ऐसा कड़ा कदम उठाया जाएगा जो अन्य एयरलाइनों के लिए मिसाल बने। वहीं, इंडिगो के खिलाफ दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने तुरंत सुनवाई से इनकार करते हुए कहा कि केंद्र पहले ही कार्रवाई कर चुका है, इसलिए अब इस मामले की अगली सुनवाई 10 दिसंबर को होगी।

बफर स्टाफ की कमी बनी संकट की वजह

इंडिगो एयरलाइन में हालिया उड़ान संकट का मुख्य कारण पायलटों की कमी नहीं, बल्कि ‘बफर’ स्टाफ की कमी है। नई FDTL (Flight Duty Time Limitations) नियम लागू होने के बाद क्रू प्लानिंग में अतिरिक्त स्टाफ की जरूरत बढ़ गई, लेकिन इंडिगो के पास यह अतिरिक्त बफर पर्याप्त नहीं था, जिससे रोस्टरिंग में बड़ी दिक्कतें आईं। एयरलाइन अब पूरी घटना की ‘रूट कॉज एनालिसिस’ करने जा रही है। इसी बीच संसद की परिवहन, पर्यटन और संस्कृति से जुड़ी समिति भी इंडिगो और DGCA अधिकारियों को इस संकट पर स्पष्टीकरण के लिए बुला सकती है।

DGCA ने बढ़ाया डेडलाइन

DGCA ने इंडिगो के सीईओ और अकाउंटेबल मैनेजर को जारी किए गए कारण-बताओ नोटिस का जवाब देने के लिए 24 घंटे का अतिरिक्त समय दे दिया है। एयरलाइन प्रबंधन ने नोटिस का विस्तृत उत्तर तैयार करने के लिए समय बढ़ाने का अनुरोध किया था, जिसे नियामक ने स्वीकार करते हुए उन्हें सोमवार शाम तक जवाब जमा करने की अनुमति दी है।

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