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संसद का शीतकालीन सत्र समाप्त, टी-पार्टी में विपक्ष और सरकार के बीच सौहार्दपूर्ण माहौल

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Published On: 19 December 2025

संसद का शीतकालीन सत्र लगातार हंगामे, तीखी बहसों और वॉकआउट से भरा रहा, लेकिन सत्र के आखिरी दिन लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की ओर से आयोजित पारंपरिक ‘टी-पार्टी’ ने राजनीति की कड़वाहट को कुछ देर के लिए कम कर दिया। इस अवसर पर विपक्षी और सत्ताधारी सांसदों के बीच अनौपचारिक बातचीत का माहौल बन पाया। पिछले सत्रों की तरह इस बार भी इस बैठक का उद्देश्य संसद के भीतर पैदा हुए तनाव को हल्का करना था, लेकिन खास बात यह रही कि विपक्षी सांसद भी इसमें शामिल हुए।

लोकसभा अध्यक्ष द्वारा हर सत्र के बाद आयोजित की जाने वाली यह पारंपरिक टी-पार्टी संसद की कड़वाहट को कम करने और सांसदों को अनौपचारिक माहौल में मिलने का अवसर देने के लिए होती है। इस बार कांग्रेस की ओर से प्रियंका गांधी वाड़ा ने भी इस आयोजन में भाग लिया। सत्र के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की गैरमौजूदगी में कांग्रेस का नेतृत्व प्रियंका गांधी कर रही थीं।

बैठक में मौजूद नेता

लोकसभा स्पीकर के कार्यालय द्वारा साझा की गई तस्वीरों में प्रियंका गांधी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और ओम बिरला के साथ बैठी नजर आईं। इस बैठक में समाजवादी पार्टी के धर्मेंद्र यादव, एनसीपी (एसपी) की सुप्रिया सुले और सीपीआई नेता डी. राजा भी शामिल रहे। बैठक करीब 20 मिनट तक चली और इसके दौरान कई हल्के-फुल्के और मित्रवत क्षण देखे गए।

बैठक के दौरान प्रियंका गांधी ने अपने संसदीय क्षेत्र वायनाड की जड़ी-बूटी के बारे में बातचीत की, जो उन्हें एलर्जी से बचाती है। इस पर प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री मुस्कुराते नजर आए। उन्होंने पीएम मोदी से उनके हालिया विदेश दौरे के अनुभव भी पूछे, जिस पर पीएम ने संक्षिप्त और सकारात्मक जवाब दिया। धर्मेंद्र यादव ने सुझाव दिया कि संसद सत्र थोड़ा लंबा हो सकता था, जिस पर पीएम मोदी ने मजाकिया अंदाज में टिप्पणी की और सांसदों में हंसी फैल गई।

विपक्षी सांसदों की तारीफ

पीएम मोदी ने कुछ विपक्षी सांसदों, जिनमें एनके प्रेमचंद्रम शामिल हैं, की सदन में तैयारी की सराहना की। कुछ सांसदों ने पुराने संसद भवन की तरह नए भवन में सेंट्रल हॉल बनाने का सुझाव दिया, ताकि पूर्व और वर्तमान सांसद आपस में चर्चा कर सकें। पीएम मोदी ने हंसते हुए कहा कि यह रिटायरमेंट के बाद के लिए है, अभी बहुत काम करना है।

प्रियंका गांधी की मौजूदगी इस टी-पार्टी में इसलिए भी अहम थी क्योंकि पिछली बार राहुल गांधी ने इसे बहिष्कार किया था। उस समय कई विपक्षी दलों ने भी हिस्सा नहीं लिया था और आरोप लगाया गया था कि लोकसभा अध्यक्ष विपक्ष को पर्याप्त अवसर नहीं दे रहे हैं। इस बार कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने विपक्षी सांसदों को बैठक में शामिल होने का निर्णय लिया।

सत्र का समापन

तीन हफ्तों तक चली बहसों और आरोप-प्रत्यारोप के बाद यह मुलाकात सांसदों को अनौपचारिक ढंग से बातचीत का अवसर देने वाली रही। टी-पार्टी के दौरान विपक्ष और सरकार के बीच आपसी समझ और सौहार्दपूर्ण माहौल दिखा, जो सत्र के अंत के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

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