इंडियन रेलवे ने देश भर में ट्रेनों पर पत्थर फेंकने की घटनाओं पर कड़ी निगरानी बढ़ा दी है। रेलवे का कहना है कि ऐसी हरकतें न केवल यात्रियों और रेलवे स्टाफ की सुरक्षा को खतरे में डालती हैं, बल्कि सरकारी संपत्ति को भी नुकसान पहुंचाती हैं। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
रेलवे की चेतावनी
रेलवे के अनुसार, जुलाई से दिसंबर 2025 के बीच देश के विभिन्न ज़ोन में 1,698 मामले दर्ज किए गए, जिनमें 665 लोगों को गिरफ्तार किया गया। सबसे अधिक मामले नॉर्दर्न रेलवे में (363) सामने आए, इसके बाद ईस्ट सेंट्रल रेलवे (219), साउथ सेंट्रल रेलवे (140), नॉर्थ सेंट्रल रेलवे (126), वेस्टर्न रेलवे (116) और सदर्न रेलवे (108) का क्रम है। अन्य रेलवे ज़ोन में भी कई मामले दर्ज किए गए, जिनमें सेंट्रल रेलवे (96), ईस्टर्न रेलवे (71), नॉर्थ फ्रंटियर रेलवे (67), साउथ वेस्टर्न रेलवे (80), वेस्ट सेंट्रल रेलवे (77), ईस्ट कोस्ट रेलवे (50), साउथ ईस्टर्न रेलवे (51), साउथ ईस्ट सेंट्रल रेलवे (51), नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे (55), नॉर्थ ईस्टर्न रेलवे (25) और कोंकण रेलवे (3) शामिल हैं।
निगरानी और सुरक्षा उपाय तेज
इंडियन रेलवे ने संवेदनशील इलाकों में पेट्रोलिंग बढ़ा दी है और निगरानी उपायों को और कड़ा कर दिया है। इससे अपराधियों की पहचान और उनकी गिरफ्तारी में तेजी आई है। रेलवे ने साफ कहा कि यात्रियों की सुरक्षा से समझौता करने वाले किसी भी अपराध को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। रेलवे ने स्पष्ट किया कि पत्थर फेंकना गंभीर आपराधिक अपराध है। इसमें शामिल लोगों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया जाएगा और कानून के तहत उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। अपराधियों को गंभीर कानूनी नतीजों का सामना करना पड़ेगा।
नागरिकों से अपील
इंडियन रेलवे ने नागरिकों से अपील की है कि वे ज़िम्मेदार नागरिक बनें, रेलवे अधिकारियों का सहयोग करें और सुरक्षित, संरक्षित और बिना किसी बाधा के यात्रा सुनिश्चित करने में मदद करें। रेलवे का कहना है कि सिर्फ प्रशासन नहीं, बल्कि समाज की भी जिम्मेदारी है कि ट्रेनों पर सुरक्षा बनाए रखी जाए।
