कहते हैं हालात चाहे जैसे भी हों, एक मौका जिंदगी की दिशा बदल सकता है। अरुण की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। आर्थिक तंगी के कारण उसे चौथी कक्षा के बाद पढ़ाई छोड़नी पड़ी। घर की जिम्मेदारियों ने बचपन जल्दी छीन लिया और वह लॉरी में क्लीनर का काम करने लगा। दिनभर की मेहनत, धूल-धक्कड़ और थकान उसके रोजमर्रा का हिस्सा बन चुके थे।
एक दिन काम के दौरान चाय पीते समय ड्राइवर नेहरू ने अरुण की दिल छू लेने वाली हंसी का वीडियो अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया। मासूमियत से भरी उसकी हंसी में ऐसा सच्चापन था कि वीडियो सोशल मीडिया पर डालते ही लोगों का ध्यान खींचने लगा। देखते ही देखते यह वीडियो वायरल हो गया। हजारों लोगों ने उसे देखा, शेयर किया और अरुण की कहानी जानने में रुचि दिखाई।
ड्राइवर ने बढ़ाया हौसला
वीडियो वायरल होने के बाद नेहरू ने केवल तालियां नहीं बटोरीं, बल्कि अरुण के भविष्य के बारे में गंभीरता से सोचा। उन्होंने उसे दोबारा पढ़ाई शुरू करने के लिए प्रेरित किया और आर्थिक मदद भी की। शुरुआत में अरुण को झिझक हुई, लेकिन प्रोत्साहन और भरोसे ने उसे नई राह पर चलने की ताकत दी। धीरे-धीरे उसने फिर से किताबें उठाईं और स्कूल में दाखिला लिया।
10वीं की परीक्षा में सफलता
कई सालों का पढ़ाई से अंतराल आसान नहीं था, लेकिन अरुण ने हार नहीं मानी। दिन में काम और रात में पढ़ाई का सिलसिला चलता रहा। लगातार मेहनत और लगन का परिणाम तब सामने आया जब उसने 10वीं कक्षा की परीक्षा सफलतापूर्वक पास कर ली। यह सिर्फ एक शैक्षणिक उपलब्धि नहीं थी, बल्कि आत्मविश्वास की जीत भी थी।
सकारात्मक ताकत की मिसाल
अरुण की कहानी इस बात का उदाहरण है कि सोशल मीडिया केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि बदलाव का जरिया भी बन सकता है। एक सच्ची मुस्कान ने न केवल उसे पहचान दिलाई, बल्कि जिंदगी को नई दिशा भी दी। आज अरुण आगे की पढ़ाई जारी रखने का सपना देख रहा है और उसकी यह यात्रा कई युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी है।
